संस्कृत
बुद्ध्या विशुद्धया युक्तो धृत्याऽऽत्मानं नियम्य च । शब्दादीन्विषयांस्त्यक्त्वा रागद्वेषौ व्युदस्य च ॥ ५१ ॥
buddhyā viśuddhayā yukto dhṛtyātmānaṃ niyamya ca śabdādīn viṣayāṃs tyaktvā rāga-dveṣau vyudasya ca
अनुवाद
विशुद्ध बुद्धि से युक्त होकर, धैर्य से अपने को वश में करके, ध्वनि आदि इन्द्रियों के विषयों को त्यागकर और राग-द्वेष को दूर हटाकर,
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
ब्रह्म से जुड़े जीवन का वर्णन बौद्धिक और संकल्प-संबंधी आधार से आरंभ होता है — शुद्ध विवेक-शक्ति (बुद्धि), आत्म-संयम में दृढ़ता, और इन्द्रियों के विषयों के साथ-साथ राग और द्वेष का सोच-समझकर किया गया त्याग। यह वही बुद्धि है जिसे अध्याय 2 और 3 पहले ही विवेक और स्थिरता का आधार बता चुके हैं, यानी स्थितप्रज्ञ का क्षेत्र। यहाँ जो जोड़ा गया है, वह यह है कि इस विवेकशील शक्ति को पहले शुद्ध होना होगा, तभी वह उस क्रम का भार उठा सकती है जो आगे श्लोक 52-53 में आता है। ध्यान का चित्र संक्षेप में: शुद्ध बुद्धि, दृढ़ आत्म-संयम, इन्द्रिय-विषयों का त्याग, राग-द्वेष को दूर रखना। तीन पंक्तियों में अध्याय 2, 5 और 6।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- buddhyā viśuddhayā yuktoबुद्ध्या विशुद्धया युक्तो
- विशुद्ध बुद्धि से युक्त (buddhyā + viśuddhayā + yuktaḥ)
- dhṛtyātmānaṃ niyamya caधृत्यात्मानं नियंय च
- और धृति से अपने को वश में करके (dhṛtyā + ātmānam + niyamya + ca)
- śabdādīn viṣayāṃs tyaktvāशब्दादीन् विषयांस् त्यक्त्वा
- शब्द आदि विषयों को त्यागकर (śabda-ādīn + viṣayān + tyaktvā)
- rāga-dveṣau vyudasya caराग-द्वेषौ व्युदस्य च
- और राग-द्वेष को दूर हटाकर (rāga-dveṣau + vyudasya + ca)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
This verse reads like a prerequisites section rather than a procedure: purified reason, firmness, abandoned sense-objects, dropped passion and aversion, four conditions to have in place before the actual sequence toward Brahman even starts in the next two verses. The text is careful enough to separate what must already be true from what happens next, rather than folding readiness and practice into one instruction.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- कोई बड़ा नया अभ्यास या जीवन में कोई बदलाव शुरू करने से पहले, जो बातें पहले से सही होनी चाहिए — पर्याप्त स्थिरता, हटाए गए विक्षेप — उन्हें अभ्यास से अलग रखें। दोनों को एक साथ बनाने की कोशिश का अर्थ अक्सर यही होता है कि दोनों में से कोई भी ठीक से नहीं हो पाता।
व्यावसायिक
- कोई नई प्रक्रिया या प्रणाली लागू करने से पहले, उसकी वास्तविक पूर्व-शर्तों — साफ़ डेटा, प्रशिक्षित टीम, खाली की गई क्षमता — की सूची लागू करने के चरणों से अलग बनाएँ। तैयारी और अमल को एक मान लेना एक आम कारण है जिससे पहलें चुपचाप ठप हो जाती हैं।
परिवार और समाज
- परिवार में किसी कठिन बातचीत से पहले, जिसे आप अच्छी तरह संपन्न करना चाहते हैं, पहले पूर्व-शर्तें ठीक कर लें — शांति, एकांत, दोनों लोगों का आराम किया हुआ होना — न कि इन परिस्थितियों को बातचीत के बीच में ही बनाने की कोशिश करें।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
स्वयं से पूछें
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