18.42

संस्कृत

शमो दमस्तपः शौचं क्षान्तिरार्जवमेव च । ज्ञानं विज्ञानमास्तिक्यं ब्रह्मकर्म स्वभावजम् ॥ ४२ ॥

śamo damas tapaḥ śaucaṃ kṣāntir ārjavam eva ca jñānaṃ vijñānam āstikyaṃ brahma-karma svabhāvajam

अनुवाद

शान्ति, संयम, तप, पवित्रता, क्षमा और सरलता, ज्ञान, विज्ञान और आस्तिकता — ये ब्राह्मण के स्वभाव से उत्पन्न कर्म हैं।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

ब्राह्मण की सूची — शान्ति, आत्मसंयम, तप, पवित्रता, क्षमा, सरलता, विवेक, ज्ञान, श्रद्धा — किसी काम के विवरण से ज़्यादा एक सत्त्व-प्रधान स्वभाव का चित्र लगती है, जो अध्याय 14, 16 और 17 में पहले ही गिनाई गई सात्त्विक सूचियों की गूँज है। यदि स्वभाव का अर्थ सचमुच वंश नहीं, बल्कि गुणों की बनावट है, तो इस अध्याय में इसका सबसे स्पष्ट प्रमाण यही है; पर ग्रन्थ यह कभी तय नहीं करता कि यह बनावट जन्म से निश्चित होती है या सचमुच हर उस व्यक्ति के लिए खुली है जो इन गुणों को विकसित करता है। ब्राह्मण का स्वधर्म: अन्तर्मुखी और चिन्तनशील — शम, दम, ज्ञान, आस्तिक्य (पवित्र पर भरोसा)। यह सूची गीता 16.1–गीता 16.3 की दैवी सम्पदा से बहुत मिलती है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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शब्द-दर-शब्द

śamo damas tapaḥ śaucaṃशमो दमस् तपः शौचं
शान्ति, संयम, तप, पवित्रता (śamaḥ + damaḥ + tapaḥ + śaucam)
kṣāntir ārjavam eva caक्षान्तिः आर्जवं एव च
क्षमा और सरलता भी (kṣāntiḥ + ārjavam + eva + ca)
jñānaṃ vijñānam āstikyaṃज्ञानं विज्ञानं आस्तिक्यं
ज्ञान, विज्ञान, आस्तिकता (jñānam + vijñānam + āstikyam)
brahma-karma svabhāvajamब्रह्म-कर्म स्वभावजं
— ब्राह्मण के स्वभाव से उत्पन्न कर्म (brahma-karma + svabhāva-jam)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

The nine qualities aren’t a flat list; they move. The first six, serenity, self-restraint, austerity, purity, forgiveness, uprightness, are entirely internal and could describe someone living alone. The final three, wisdom, knowledge, faith, only mean something in relation to others or to a shared truth being transmitted. The Brahmana profile is personal virtue oriented outward into something teachable, not virtue that stays private.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • ऐसा व्यक्तिगत अनुशासन, जो कभी ऐसी चीज़ में नहीं बदलता जिसे आप दूसरों के साथ बाँट सकें — स्पष्टता, अधिक स्थिर उपस्थिति, वास्तविक ज्ञान — वह इस सूची में बताई गई बात का केवल आधा भाग है। स्वयं से पूछिए कि क्या आपका आंतरिक कार्य दूसरों तक पहुँचाने योग्य बन रहा है, न कि केवल निजी।

व्यावसायिक

  • किसी टीम में सबसे मूल्यवान विशेषज्ञता केवल चुपचाप हासिल की गई महारत नहीं होती, बल्कि वह महारत होती है जिसे सिखाने योग्य रूप में बदला गया हो: दस्तावेज़, मार्गदर्शन, दोहराया जा सकने वाला ढाँचा। जो कौशल एक ही व्यक्ति के मन में बंद रहता है, वह इस श्लोक में बताए गए काम का केवल आधा ही कर रहा है।

परिवार और समाज

  • अपने अनुशासन से आपने जो विवेक या स्थिरता अर्जित की है, वह आपके परिवार के लिए पूरी तरह उपयोगी तभी बनती है जब आप उसे आगे पहुँचाने का कोई तरीका खोज लेते हैं — शब्दों से या उदाहरण से — न कि उसे एक निजी उपलब्धि बनाकर रखते हैं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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