संस्कृत
सिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाऽऽप्नोति निबोध मे । समासेनैव कौन्तेय निष्ठा ज्ञानस्य या परा ॥ ५० ॥
siddhiṃ prāpto yathā brahma tathāpnoti nibodha me samāsenaiva kaunteya niṣṭhā jñānasya yā parā
अनुवाद
हे कौन्तेय, सिद्धि को प्राप्त हुआ मनुष्य जिस प्रकार ब्रह्म को प्राप्त होता है, जो ज्ञान की परम निष्ठा है, उसे तुम मुझसे संक्षेप में ही जानो।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
यह एक संक्रमण-संकेत है: कृष्ण वचन देते हैं कि वे “संक्षेप में” समझाएँगे कि जो इस सिद्धि तक पहुँच गया है, वह ब्रह्म को, ज्ञान की उस सर्वोच्च अवस्था को, भी कैसे प्राप्त करता है। यह छोटा, पर अर्थपूर्ण संरचनात्मक संकेत है — उनचास श्लोकों के उत्तरोत्तर सघन होते तर्क के बाद पाठ यह जताता है कि वह अपने अंतिम और सबसे संक्षिप्त चरण में प्रवेश कर रहा है, वही चरण जो अध्याय के चरम बिंदु तक ले जाता है। “सिद्ध पुरुष ब्रह्म को कैसे प्राप्त करता है — जो ज्ञान की परम परिणति है।” गीता 18.51–गीता 18.53 एक बार फिर ध्यान का वही संक्षिप्त चित्र है; गीता 18.54 में यह भक्ति की ओर मुड़ता है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- siddhiṃ prāpto yathā brahma tathāpnotiसिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाप्नोति
- सिद्धि को प्राप्त हुआ व्यक्ति जिस प्रकार ब्रह्म को प्राप्त होता है (siddhim + prāptaḥ + yathā + brahma + tathā + āpnoti)
- nibodha meनिबोध मे
- मुझसे जानो (nibodha + me)
- samāsenaiva kaunteyaसमासेनैव कौन्तेय
- संक्षेप में ही, हे कौन्तेय (samāsena + eva + kaunteya)
- niṣṭhā jñānasya yā parāनिष्ठा ज्ञानस्य या परा
- जो ज्ञान की परम निष्ठा है (niṣṭhā + jñānasya + yā + parā)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Krishna promises brevity, samasena, right before describing what by any account is the hardest attainment in the whole text. The promise is honest at the level of words — the description that follows really is compact — but it’s worth noticing the gap between how briefly a state can be described and how long an actual path to it takes. A concise formula for Brahman-attainment is not the same thing as an easy or quick one.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
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पाठ
व्यक्तिगत
- ध्यान में हो या किसी भी कौशल में, महारत कैसी दिखती है, इसका छोटा और स्पष्ट वर्णन उस तक पहुँचने का छोटा रास्ता नहीं होता। किसी संक्षिप्त व्याख्या को संक्षिप्त समय-सीमा न समझें।
व्यावसायिक
- एक सुस्पष्ट, एक अनुच्छेद का रणनीति-वक्तव्य मंज़िल का सही वर्णन कर सकता है, बिना यह संकेत दिए कि उसे पूरा करना जल्दी हो जाएगा — अपनी टीम को योजना की संक्षिप्तता को असली काम की अवधि के बारे में कोई वादा न समझने दें।
परिवार और समाज
- किसी रिश्ते या आदत का स्वस्थ रूप कैसा दिखता है, यह आप एक ईमानदार वाक्य में समझा सकते हैं; पर इस स्पष्टता का अर्थ यह नहीं कि वहाँ तक पहुँचने के लिए निरंतर प्रयास के बजाय एक ईमानदार बातचीत ही काफ़ी होगी।
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