संस्कृत
तच्च संस्मृत्य संस्मृत्य रूपमत्यद्भुतं हरेः । विस्मयो मे महान् राजन् हृष्यामि च पुनः पुनः ॥ ७७ ॥
tac ca saṃsmṛtya saṃsmṛtya rūpam aty-adbhutaṃ hareḥ vismayo me mahān rājan hṛṣyāmi ca punaḥ punaḥ
अनुवाद
और हे राजन्, हरि के उस अत्यन्त अद्भुत रूप को बार-बार स्मरण करके मुझे महान विस्मय होता है, और मैं बार-बार हर्षित होता हूँ।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
वही संरचना फिर दोहराई जाती है, पर अब इसका लक्ष्य विशेष रूप से अध्याय 11 का दिव्य दर्शन है: “हरि के उस अत्यन्त अद्भुत रूप” का बार-बार स्मरण करते हुए संजय का विस्मय ज़रा भी कम नहीं होता। यह एक उल्लेखनीय बात है कि कथावाचक, जो न युद्ध में भागीदार है और न संवाद में, विश्वरूप का साक्षी बनकर उतना ही रूपान्तरित दिखाया गया है जितना अर्जुन उसे स्वयं जीकर हुआ था।
संजय जिस ओर बार-बार लौटते हैं, वह अध्याय 11 है — विश्वरूप, अति-अद्भुत, “अत्यन्त अद्भुत”। पूरे संवाद में से यही दिव्य दर्शन विस्मय महान् छोड़ जाता है — एक महान और स्थायी आश्चर्य।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- tac ca saṃsmṛtya saṃsmṛtyaतच् च संस्मृत्य संस्मृत्य
- और उसे बार-बार स्मरण करके (tat + ca + saṃsmṛtya + saṃsmṛtya)
- rūpam aty-adbhutaṃ hareḥरूपं अत्य्-अद्भुतं हरेः
- हरि के उस अत्यन्त अद्भुत रूप को (rūpam + ati-adbhutam + hareḥ)
- vismayo me mahān rājanविस्मयो मे महान् राजन्
- हे राजन्, मुझे महान विस्मय होता है (vismayaḥ + me + mahān + rājan)
- hṛṣyāmi ca punaḥ punaḥहृष्यामि च पुनः पुनः
- और मैं बार-बार हर्षित होता हूँ (hṛṣyāmi + ca + punaḥ + punaḥ)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
This is the same doubled-verb formula as the previous verse, reused rather than varied — but pointed at a different memory: the dialogue as a whole there, the vishvarupa specifically here. Sanjaya isn’t blending his recollections into one general glow; the form repeats because two distinct memories are each, independently, earning the exact same intensity of return.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप अपने जीवन के किसी ऐसे दौर को याद करते हैं जिसने आपको गढ़ा, तो शायद आपके पास उसकी एक घुली-मिली स्मृति नहीं होती, बल्कि कई अलग-अलग पल होते हैं, और उनमें से हर पल अपने आप में फिर से लौटकर देखे जाने योग्य होता है। उन्हें एक धुँधली याद में समेट देने के बजाय, उन तक अलग-अलग लौटें।
व्यावसायिक
- जब आप सोचें कि किसी बड़ी परियोजना को सार्थक किस बात ने बनाया, तो उसे एक सामान्य सीख में समेट देने से बचें। अक्सर उसमें दो या तीन सचमुच अलग-अलग पल होते हैं, और उनमें से हर एक को अलग से नाम देना चाहिए और उसकी अपनी शर्तों पर उस पर फिर से लौटना चाहिए।
परिवार और समाज
- जब आप याद करें कि किसी रिश्ते को या पारिवारिक जीवन के किसी दौर को सार्थक किस बात ने बनाया, तो उन दो या तीन अलग-अलग पलों को नाम देने की कोशिश करें जो आज भी आपको भीतर तक छू जाते हैं। उन्हें एक सामान्य-सी स्नेह भरी भावना में समेटकर एक-सा न कर दें।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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