18.4

संस्कृत

निश्चयं शृणु मे तत्र त्यागे भरतसत्तम । त्यागो हि पुरुषव्याघ्र त्रिविधः सम्प्रकीर्तितः ॥ ४ ॥

niścayaṃ śṛṇu me tatra tyāge bharatasattama tyāgo hi puruṣavyāghra trividhaḥ samprakīrtitaḥ

अनुवाद

हे भरतश्रेष्ठ, उस त्याग के विषय में मेरा निश्चय सुनो; क्योंकि हे पुरुषसिंह, त्याग तीन प्रकार का बताया गया है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

कृष्ण संकेत देते हैं कि एक निर्णायक निर्णय आने वाला है, और अपनी पद्धति की झलक पहले ही दे देते हैं: त्याग स्वयं कोई एक, एकरूप वस्तु नहीं है, बल्कि तीन प्रकारों में आता है। यह त्रिविध विभाजन इस अध्याय की मूल पद्धति है, और इसे केवल त्याग पर ही नहीं, बल्कि क्रमशः ज्ञान, कर्म, कर्ता, बुद्धि, धृति और सुख पर भी लागू किया जाएगा — जो गुण-वर्गीकरण अध्याय 16 में दैवी और आसुरी स्वभावों के लिए प्रस्तुत किया गया और अध्याय 17 में श्रद्धा, आहार और यज्ञ पर लागू किया गया, वह यहाँ गीता की संपूर्ण नैतिक शब्दावली की मूल कुंजी के रूप में प्रकट होता है। त्याग स्वयं भी, अध्याय 17 की हर बात की तरह, गुण के अनुसार त्रिविध है। गीता 18.7–गीता 18.9 अंतिम बार सत्त्व/रजस्/तमस् का वर्गीकरण त्याग पर लागू करते हैं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

niścayaṃ śṛṇu me tatraनिश्चयं शृणु मे तत्र
उस विषय में मेरा निश्चय सुनो (niścayam + śṛṇu + me + tatra)
tyāge bharatasattamaत्यागे भरतसत्तम
त्याग के बारे में, हे भरतश्रेष्ठ (tyāge + bharata-sattama)
tyāgo hi puruṣavyāghraत्यागो हि पुरुषव्याघ्र
क्योंकि त्याग, हे पुरुषसिंह (tyāgaḥ + hi + puruṣa-vyāghra)
trividhaḥ samprakīrtitaḥत्रिविधः संप्रकीर्तितः
तीन प्रकार का बताया गया है (trividhaḥ + samprakīrtitaḥ)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Before applying the threefold analysis even once, Krishna announces that he’s about to use it — a small metacognitive move that hands Arjuna the classification key in advance rather than making him infer the pattern from scattered examples. Naming the method before running it turns everything from verse 7 onward from a list of assertions into an exercise the reader can follow, and even predict.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप किसी जटिल बात पर तर्क करने वाले हों, तो अपनी पद्धति को लागू करने से पहले उसे स्पष्ट रूप से कह दें। लोगों को बिखरे हुए निष्कर्षों से आपका ढर्रा भाँपने के लिए छोड़ देने के बजाय, अपना दृष्टिकोण शुरू में ही बता देना आपके तर्क को समझने योग्य, और यहाँ तक कि पूर्वानुमेय भी, बना देता है।

व्यावसायिक

  • हितधारकों को किसी बहु-भागीय मूल्यांकन, जैसे तीन-स्तरीय जोखिम मानदंड, से होकर ले जाने से पहले, केवल उससे निकलने वाले निर्णय ही नहीं, बल्कि पहले स्वयं उस मानदंड की घोषणा करें। नाम दिया गया ढाँचा लोगों को केवल आपके निष्कर्षों पर भरोसा करने के बजाय आपके तर्क का अनुसरण करने देता है।

परिवार और समाज

  • जब आप परिवार के कई निर्णयों पर एक ही नियम लागू करने वाले हों — जैसे अलग-अलग बच्चों के स्क्रीन टाइम पर — तो हर मामले को एक अलग-थलग निर्णय जैसा दिखने देने के बजाय, नियम को एक बार, शुरू में ही, बता दें।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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