18.44

संस्कृत

कृषिगौरक्ष्यवाणिज्यं वैश्यकर्म स्वभावजम् । परिचर्यात्मकं कर्म शूद्रस्यापि स्वभावजम् ॥ ४४ ॥

kṛṣi-gaurakṣya-vāṇijyaṃ vaiśya-karma svabhāvajam paricaryātmakaṃ karma śūdrasyāpi svabhāvajam

अनुवाद

खेती, गोरक्षा और व्यापार वैश्य का स्वभाव से उत्पन्न कर्म है। सेवा-रूप कर्म शूद्र का भी स्वभाव से उत्पन्न कर्म है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

व्याख्या

वैश्य का कर्तव्य — खेती, पशुपालन, व्यापार — और शूद्र का कर्तव्य — सेवा — दोनों को एक ही श्लोक में, आधी-आधी पंक्ति में निपटा दिया गया है। 42-43 में ब्राह्मण और क्षत्रिय के अधिक विस्तृत वर्णन की तुलना में यह ध्यान देने में एक वास्तविक असमानता है। ग्रंथ इस असंतुलन के लिए न कोई कारण देता है, न कोई सफ़ाई; परिणाम यह है कि यह ऊँच-नीच जितनी प्रत्येक वर्ण को सौंपे गए काम में दिखती है, उतनी ही उसे दिए गए स्थान में भी।

वैश्य और शूद्र के स्वधर्म: उत्पादन (खेती, पशुपालन, व्यापार) और सेवा। गीता 18.45–गीता 18.46 में कहा जाएगा कि इनमें से कोई भी कर्म, यदि उपासना के रूप में किया जाए, उसी लक्ष्य तक पहुँचाता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

kṛṣi-gaurakṣya-vāṇijyaṃकृषि-गौरक्ष्य-वाणिज्यं
खेती, गोरक्षा और व्यापार (kṛṣi-gaurakṣya-vāṇijyam)
vaiśya-karma svabhāvajamवैश्य-कर्म स्वभावजं
— वैश्य का स्वभाव से उत्पन्न कर्म (vaiśya-karma + svabhāva-jam)
paricaryātmakaṃ karmaपरिचर्यात्मकं कर्म
सेवा-रूप कर्म (paricaryā-ātmakam + karma)
śūdrasyāpi svabhāvajamशूद्रस्यापि स्वभावजं
शूद्र का भी स्वभाव से उत्पन्न है (śūdrasya + api + svabhāva-jam)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

टीका

Site Commentary

Every other varna in this sequence is defined by an activity of its own: teaching and self-discipline for the Brahmana, combat and rule for the Kshatriya, farming and trade for the Vaishya. The Shudra alone is defined relationally, service, an activity that exists only in reference to someone else’s needs rather than a content of its own. That’s a different kind of definition, not just a shorter one, and it deserves naming as plainly as the space given to it.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

इस श्लोक को अपनाएँ

पाठ

व्यक्तिगत

  • ध्यान दें कि कहीं आप अपना मूल्य केवल इस बात से तो नहीं आँकने लगे हैं कि आप किसकी सेवा करते हैं, न कि किसी ऐसी क्षमता या काम से जो आपका अपना है, चाहे किसी को आपकी ज़रूरत हो या न हो — दूसरी तरह की पहचान तब भी बनी रहती है जब माँगने वाला व्यक्ति बदल जाता है।

व्यावसायिक

  • आपकी टीम में जो भूमिका केवल दूसरों के काम में सहायता के रूप में परिभाषित है, न कि अपने किसी काम या विशेषज्ञता से, उसे पहचान और वेतन में हमेशा कम आँका जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे यह श्लोक अपनी संरचना में ही उसे कम आँकता है — सेवा वाली भूमिका के भीतर छिपे असली कौशल को नाम दें।

परिवार और समाज

  • अगर परिवार के किसी सदस्य की भूमिका चुपचाप केवल इस बात से परिभाषित होने लगी है कि वे किसकी देखभाल करते हैं, न कि किसी ऐसी चीज़ से जो उनकी अपनी है, तो यह एक संरचनात्मक असंतुलन है जिसे सीधे-सीधे नाम देना चाहिए, न कि कोई ऐसा स्वभावगत गुण जिसकी बिना सोचे-समझे सराहना की जाए।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

स्वयं से पूछें

इस श्लोक को पढ़ने से आगे ले जाने के कुछ तरीके। टिक और नोट इसी ब्राउज़र में रहते हैं।

इस श्लोक पर चिंतन करें

    ← 18.43अध्याय 18 · 78 में से 4418.45 →