संस्कृत
मुक्तसङ्गोऽनहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः । सिद्ध्यसिद्ध्योर्निर्विकारः कर्त्ता सात्त्विक उच्यते ॥ २६ ॥
muktasaṅgo'nahaṃvādī dhṛtyutsāhasamanvitaḥ siddhyasiddhyor nirvikāraḥ kartā sāttvika ucyate
अनुवाद
जो आसक्ति से मुक्त है, अहंकार भरी बातें नहीं करता, धैर्य और उत्साह से युक्त है, और सफलता तथा असफलता में विचलित नहीं होता, वह कर्ता सात्त्विक कहलाता है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
सात्त्विक कर्ता: आसक्ति से मुक्त, अहंकारपूर्ण आत्म-प्रदर्शन से रहित, दृढ़ और उत्साही, और — सबसे महत्त्वपूर्ण — सफलता या असफलता में अविकारी। यह अंतिम गुण गुणों के वर्गीकरण में उस “सुख और दुःख में स्थिर” आदर्श का रूप है, जिसे अध्याय 2 ने स्थितप्रज्ञ व्यक्ति से जोड़ा था; पर अब यह सामान्य रूप से भाग्य से नहीं, बल्कि विशेष रूप से इस बात से जुड़ा है कि व्यक्ति अपने ही प्रयास के परिणाम से कैसा संबंध रखता है।
सात्त्विक कर्ता: अनासक्त, अनहंवादी (“‘मैं’ न कहने वाला”), फिर भी धृति और उत्साह से — संकल्प और प्रेरणा से — भरपूर, और निर्विकार, परिणाम से अप्रभावित। निष्क्रिय नहीं; बल्कि कर्म पर स्वामित्व का दावा न करने वाला।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- muktasaṅgo'nahaṃvādīमुक्तसङ्गोऽनहंवादी
- आसक्ति से मुक्त, अहंकारपूर्ण वचन न कहने वाला (mukta-saṅgaḥ + an-ahaṃ-vādī)
- dhṛtyutsāhasamanvitaḥधृत्युत्साहसमन्वितः
- धैर्य और उत्साह से युक्त (dhṛti-utsāha-samanvitaḥ)
- siddhyasiddhyor nirvikāraḥसिद्ध्यसिद्ध्योः निर्विकारः
- सफलता और असफलता में निर्विकार (siddhi-asiddhyoḥ + nirvikāraḥ)
- kartā sāttvika ucyateकर्ता सात्त्विक उच्यते
- ऐसा कर्ता सात्त्विक कहलाता है (kartā + sāttvikaḥ + ucyate)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
A natural assumption is that someone truly unmoved by success or failure would also lack drive — why push hard if the outcome doesn’t move you? This verse explicitly refuses that assumption, pairing “unchanged by success and failure” in the same breath as “endued with firmness and confidence.” The sattvic actor isn’t half-hearted about the effort and indifferent about the result; the text insists both traits sit together, full commitment to the doing paired with genuine indifference to how it lands.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
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पाठ
व्यक्तिगत
- अनासक्ति को चुपचाप कम मेहनत करने का बहाना न बनने दें — यहाँ असली कसौटी है किसी काम को अच्छी तरह करने के लिए पूरी और ऊर्जा से भरी लगन, और साथ ही इस बात के प्रति सच्ची उदासीनता कि वह सफल होता है या नहीं। परिणाम से अनासक्ति और प्रयास की तीव्रता में कोई टकराव नहीं है; यह श्लोक ज़ोर देकर कहता है कि आपको दोनों चाहिए।
व्यावसायिक
- पेशेवर रूप से परिणामों से अनासक्त रहने का — यानी अपने आत्म-मूल्य को इस बात से न बाँधने का कि कोई प्रोजेक्ट सफल होता है या नहीं — अर्थ यह नहीं है कि काम को पूरा करने में आप कम तीव्रता लाएँ। सबसे सक्षम लोग काम को अच्छी तरह करने की पूरी लगन रखते हैं और साथ ही किसी विशेष परिणाम की ज़रूरत से सचमुच मुक्त रहते हैं — वे समभाव का चोला पहनाकर कम प्रयास नहीं करते।
परिवार और समाज
- परिवार की कोई योजना — कोई यात्रा, कोई उत्सव — जैसी भी हो, उसके बारे में शांत और स्वीकार करने वाला रहने का अर्थ यह नहीं है कि उसकी व्यवस्था करने में आप कम मेहनत करें। योजना बनाने में पूरा प्रयास और वह जैसी भी बने उसकी सच्ची स्वीकृति — इनमें कोई विरोधाभास नहीं है; यह श्लोक कहता है कि आप दोनों को साथ रख सकते हैं, और आपको रखना चाहिए।
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