2.17

संस्कृत

अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम् । विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमर्हति ॥

avināśi tu tad viddhi yena sarvam idaṃ tatam vināśam avyayasyāsya na kaścit kartum arhati

अनुवाद

किंतु उसे अविनाशी जानो, जिससे यह सब कुछ व्याप्त है। इस अव्यय का विनाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

सत् और असत् का भेद करने के बाद कृष्ण बताते हैं कि यहाँ “सत्” वास्तव में क्या है: जो कुछ भी सब में व्याप्त है, वही, और जिसे किसी भी चीज़ से नष्ट नहीं किया जा सकता। श्लोक 2.23 में आगे उन चीज़ों की सूची आती है जो आत्मा को छू नहीं सकतीं (शस्त्र, अग्नि, जल, वायु) — उसके नीचे यही सकारात्मक दावा है: अविनाशिता एक परिभाषा के रूप में, केवल एक वर्णन के रूप में नहीं। “येन सर्वम् इदं ततम्” — जिससे यह सब व्याप्त है — आत्मा को किसी एक स्थान तक सीमित नहीं, बल्कि सर्वव्यापी बनाता है; वह किसी वस्तु से अधिक एक आधार के निकट है। यही अध्याय 7–13 के कहीं बड़े दावे का बीज है कि यही तत्त्व केवल व्यक्ति के ही नहीं, पूरे जगत के मूल में है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

avināśiअविनाशि
अविनाशी
tuतु
परंतु
tad viddhiतद् विद्धि
उसे जानो (tat + viddhi)
yena sarvam idaṃ tatamयेन सर्वं इदं ततं
जिससे यह सब व्याप्त है (yena + sarvam + idam + tatam)
vināśamविनाशं
विनाश
avyayasyāsyaअव्ययस्यास्य
इस अविनाशी का (avyayasya + asya)
na kaścit kartum arhatiन कश्चित् कर्तुं अर्हति
कोई भी नहीं कर सकता (na + kaścit + kartum + arhati)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Krishna calls it only “That” here — tad — pervading everything, indestructible, but withholds the name “self” or “atman” for several verses yet. The description arrives before the label, which is a deliberate sequencing: understand what the thing does and what can’t touch it before you get attached to a name for it, so the name doesn’t do more work than the description earned.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • अपने बारे में जिस बात को आप समझने की कोशिश कर रहे हैं, उस पर कोई नाम या पहचान तय करने से पहले — चाहे वह कोई निदान हो, कोई पहचान हो या कोई भूमिका — पहले कुछ समय इस सीधे-सादे विवरण के साथ बिताइए कि वास्तव में क्या हो रहा है। जल्दबाज़ी में अपनाया गया नाम अपने पक्ष के प्रमाणों से कहीं ज़्यादा असर डाल सकता है।

व्यावसायिक

  • किसी समस्या को नाम देने से पहले (कोई मूल कारण, विफलता की कोई श्रेणी), यह सुनिश्चित करें कि वास्तव में जो हो रहा है, उसका विवरण पक्का है — जल्दबाज़ी में लगाया गया नाम अक्सर उस जाँच का रास्ता बंद कर देता है, जिसे अकेला विवरण खुला रखता।

परिवार और समाज

  • अपने किसी क़रीबी व्यक्ति में दिख रहे किसी ढर्रे पर कोई नाम लगाने से पहले, उसके वास्तविक व्यवहार का विवरण पहले स्वयं को दीजिए — बहुत जल्दी नाम दे देने से आपको व्यक्ति के बजाय वह नाम ही दिखने लग सकता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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