संस्कृत
तमुवाच हृषीकेशः प्रहसन्निव भारत । सेनयोरुभयोर्मध्ये विषीदन्तमिदं वचः ॥
tam uvāca hṛṣīkeśaḥ prahasann iva bhārata senayor ubhayor madhye viṣīdantam idaṃ vacaḥ
अनुवाद
हे भारत, तब दोनों सेनाओं के बीच विषाद में डूबे उस अर्जुन से हृषीकेश मानो मुस्कुराते हुए यह वचन बोले।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
एक छोटा पर अर्थपूर्ण कथात्मक विवरण: कृष्ण “मानो मुस्कराते हुए” उत्तर देते हैं। टीकाकारों ने इस मुस्कान को लंबे समय से महत्वपूर्ण माना है — यह उपहास नहीं, बल्कि उस व्यक्ति का कोमल विनोद है जो उस संकट के पार पहले से देख रहा है, जिसे अर्जुन निरुत्तर मान बैठे हैं। अगले श्लोक से जो आरम्भ होता है, वही उसका उत्तर है।
दृश्य की रचना भी सोची-समझी है: यह बात दोनों सेनाओं के बीच कही जाती है, ठीक उसी स्थान पर जहाँ अर्जुन ने गीता 1.21 में स्वयं को खड़ा करने के लिए कहा था। यह उपदेश किसी आश्रम में नहीं होता; यह संकट के बीच खड़े होकर होता है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- tamतं
- उससे
- uvācaउवाच
- कहा
- hṛṣīkeśaḥहृषीकेशः
- हृषीकेश — कृष्ण
- prahasann ivaप्रहसन्न् इव
- मानो मुस्कराते हुए (prahasan + iva)
- bhārataभारत
- हे भरतवंशी — धृतराष्ट्र
- senayor ubhayor madhyeसेनयोः उभयोः मध्ये
- दोनों सेनाओं के बीच (senayoḥ + ubhayoḥ + madhye)
- viṣīdantamविषीदन्तं
- विषाद करते हुए (उससे)
- idaṃ vacaḥइदं वचः
- यह वचन (idam + vacaḥ)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
The smile is doing something the words around it don’t: it signals, before a single word of the teaching has been spoken, that Krishna already sees a resolution Arjuna can’t yet see. It isn’t mockery — the text is careful about that (“as it were”) — but it tells the reader something the argument itself will take dozens of verses to establish: the crisis, from where Krishna stands, is already solved.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
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पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप किसी ऐसे संकट के बीच हों जिसका कोई हल न दिखता हो, तो यह मानकर चलना सहायक हो सकता है कि कोई ऐसा व्यक्ति, जो आपकी वर्तमान अवस्था से अधिक समझदार है, पहले ही उससे निकलने का रास्ता देख रहा है — कठिनाई को नकारने के लिए नहीं, बल्कि तब तक उसकी स्थिरता उधार लेने के लिए जब तक आपकी अपनी स्थिरता लौट न आए।
व्यावसायिक
- जब आप किसी को ऐसी समस्या से उबरने में मार्गदर्शन दे रहे हों जिसके समाधान की रूपरेखा आपको पहले से दिख रही है, तो तर्क समझाने से पहले अपनी शांति को दिखने दें — ऐसे व्यक्ति की दिखाई देने वाली स्थिरता, जो स्वयं इस दौर से गुज़र चुका है, वह काम कर सकती है जो अकेला तर्क अभी नहीं कर सकता।
परिवार और समाज
- यदि आपको किसी ऐसे संकट से निकलने का रास्ता दिख रहा है जिसमें आपका कोई निकट व्यक्ति फँसा हुआ है, तो समझाना शुरू करने से पहले अपनी शांति को दिखने दें — कभी-कभी यह भरोसा कि कोई घबरा नहीं रहा, तर्क से पहले पहुँच जाता है, और उसका महत्व भी उतना ही होता है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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