2.33

संस्कृत

अथ चेत्त्वमिमं धर्म्यं सङ्ग्रामं न करिष्यसि । ततः स्वधर्मं कीर्तिं च हित्वा पापमवाप्स्यसि ॥

atha cet tvam imaṃ dharmyaṃ saṃgrāmaṃ na kariṣyasi tataḥ svadharmaṃ kīrtiṃ ca hitvā pāpam avāpsyasi

अनुवाद

किन्तु यदि तुम यह धर्मयुक्त युद्ध नहीं करोगे, तो अपने स्वधर्म और कीर्ति को खोकर पाप के भागी बनोगे।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

श्लोक 31 के दावे का दूसरा पक्ष, जिसे यहाँ सीधी शर्त के रूप में कहा गया है: इस युद्ध से इनकार करना कोई तटस्थ पीछे हटना नहीं है, यह स्वधर्म का परित्याग है जिसकी वास्तविक कीमत है — पाप, न कि केवल हाथ से निकला अवसर। कृष्ण निष्क्रियता को सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय अर्जुन के विकल्पों को सीमित कर रहे हैं। संरचना यह है: “यदि X नहीं, तो Y और Z की हानि, और P” — कर्तव्य, प्रतिष्ठा, और वास्तविक दोष। अध्याय 3 इसके मूल दावे को गीता 3.5 में व्यापक रूप देगा: कर्म से विरत रहना वास्तव में उपलब्ध विकल्पों में से एक है ही नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

atha cet tvamअथ चेत् त्वं
किन्तु यदि तुम (atha + cet + tvam)
imaṃ dharmyaṃ saṃgrāmaṃइमं धर्ंयं संग्रामं
इस धर्मयुक्त युद्ध को (imam + dharmyam + saṃgrāmam)
na kariṣyasiन करिष्यसि
नहीं करोगे (na + kariṣyasi)
tataḥततः
तो
svadharmaṃ kīrtiṃ caस्वधर्मं कीर्तिं च
अपने स्वधर्म और कीर्ति को (svadharmam + kīrtim + ca)
hitvāहित्वा
त्यागकर
pāpam avāpsyasiपापं अवाप्स्यसि
पाप के भागी बनोगे (pāpam + avāpsyasi)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Duty and honor are named in the same breath here, as if they were two separate costs — but for a kshatriya in Arjuna’s position they’re really one cost described twice. The verse isn’t warning about two different failures; it’s pointing out that a single act of withdrawal registers on both axes at once, which is precisely why it can’t be treated as a private, victimless decision.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • किसी कठिन प्रतिबद्धता से पीछे हटने के बारे में सोचते समय यह जाँचें कि जिस कीमत को आप कम करने की कोशिश कर रहे हैं और जिस कीमत का आप नाम नहीं ले रहे, कहीं वे वास्तव में दो नामों वाली एक ही कीमत तो नहीं हैं — जो दो अलग-अलग नुकसान दिखते हैं, वे कभी-कभी एक ही नुकसान होते हैं, जिसे आधा-आधा बाँटकर आप कम आँक रहे होते हैं।

व्यावसायिक

  • जब आप किसी ऐसी ज़िम्मेदारी को छोड़ने पर विचार करें जो साफ़ तौर पर आपकी भूमिका से जुड़ी है, तो पहचानें कि प्रतिष्ठा की हानि और भूमिका निभाने में विफलता की हानि अक्सर एक ही घटना होती है जिसे दो कोणों से देखा जा रहा है — उन्हें अलग-अलग नाम देकर इनमें से किसी को भी वास्तविकता से छोटा न दिखने दें।

परिवार और समाज

  • जब आपका मन किसी पारिवारिक ज़िम्मेदारी से चुपचाप पीछे हट जाने का हो, तो ध्यान दें कि व्यावहारिक विफलता और उससे टूटने वाला भरोसा आमतौर पर एक ही घटना होते हैं, दो नहीं — उन्हें अलग-अलग मानने से निर्णय वास्तविकता से हल्का महसूस हो सकता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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