4.30

संस्कृत

अपरे नियताहाराः प्राणान्प्राणेषु जुह्वति । सर्वेऽप्येते यज्ञविदो यज्ञक्षपितकल्मषाः ॥

apare niyatāhārāḥ prāṇān prāṇeṣu juhvati sarve 'py ete yajña-vido yajña-kṣapita-kalmaṣāḥ

अनुवाद

कुछ अन्य लोग नियमित आहार करते हुए प्राणों को प्राणों में हवन करते हैं। ये सभी यज्ञ को जानने वाले हैं और यज्ञ के द्वारा इनके पाप नष्ट हो चुके हैं।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

श्लोक 25 से शुरू हुई सूची किसी एक और विषय-बिंदु पर नहीं, बल्कि पूरे समूह पर एक निर्णय के साथ समाप्त होती है: अभी-अभी जो भी साधना गिनाई गई — देवताओं की पूजा, इन्द्रिय-संयम, प्राणायाम या बाकी कोई — उसका अभ्यास करने वाला हर व्यक्ति यज्ञविद् है, यानी वह जो जानता है कि यज्ञ वास्तव में क्या है, और हर एक ने उसके द्वारा अपने दोष, कल्मष, को जला डाला है। गिनाने से सारांश की ओर यह मोड़ ही असली संकेत है: इस सूची का वास्तविक उद्देश्य कभी इन साधनाओं को एक-दूसरे से ऊँचा-नीचा ठहराना नहीं था, बल्कि यह स्थापित करना था कि “यज्ञ” अग्निवेदी के कर्मकांड से कहीं अधिक व्यापक श्रेणी है, जिसे कर्म का बाहरी रूप नहीं, बल्कि उसके पीछे का भाव एक सूत्र में बाँधता है।

इन सबको जोड़ने वाला शब्द यज्ञविद् है — “वह जो जानता है कि यज्ञ [क्या है]” — कोई विशेष विधि नहीं। किसी कर्म को यज्ञ बनाता है अर्पण का भाव, और गीता 4.32 कहता है कि इसी को समझ लेना स्वयं मुक्त करता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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शब्द-दर-शब्द

apare niyatāhārāḥअपरे नियताहाराः
दूसरे, नियमित आहार वाले (apare + niyata-āhārāḥ)
prāṇān prāṇeṣu juhvatiप्राणान् प्राणेषु जुह्वति
प्राणों को प्राणों में हवन करते हैं (prāṇān + prāṇeṣu + juhvati)
sarve 'py ete yajña-vidoसर्वे ऽप्य् एते यज्ञ-विदो
ये सभी यज्ञ को जानने वाले हैं (sarve + api + ete + yajña-vidaḥ)
yajña-kṣapita-kalmaṣāḥयज्ञ-क्षपित-कल्मषाः
यज्ञ द्वारा जिनके पाप नष्ट हो गए हैं (yajña-kṣapita-kalmaṣāḥ)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

After twenty verses building toward increasingly refined disciplines — breath control, self-restraint, the fire of knowledge — the catalogue’s very last named practice before its verdict is something almost anticlimactic: eating in moderation. That placement seems deliberate. The verdict that follows, that all of these people “know sacrifice” and have burned away their faults, applies exactly as much to whoever simply eats with restraint as to whoever masters the more dramatic disciplines listed earlier.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • अपने जीवन के साधारण-से अनुशासनों को — संयम से भोजन करना, सोने का नियमित समय बनाए रखना — ध्यान के लगातार दिनों या बड़े संकल्पों जैसे प्रभावशाली अनुशासनों से कम न आँकें; यह सूची संयमित भोजन जैसी साधारण बात पर समाप्त होती है और उसे ठीक वही निर्णय देती है जो उससे पहले गिनाए गए अधिक प्रभावशाली अभ्यासों को मिला है।

व्यावसायिक

  • साधारण-सी बुनियादी बातें — साफ़-सुथरा दस्तावेज़ीकरण, अनुशासित कोड समीक्षा, छोटी-छोटी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रखना — किसी प्रभावशाली आर्किटेक्चर संबंधी सफलता से कम मूल्य की नहीं हैं; इस श्लोक में निर्णय से पहले की अंतिम बात संयम से भोजन करने जितनी साधारण है, और उसे पहले आई हर अधिक प्रभावशाली बात के बराबर रखा गया है।

परिवार और समाज

  • देखभाल के नियमित, साधारण काम — साथ मिलकर खाना बनाना, छोटी-सी दैनिक दिनचर्या बनाए रखना — कभी-कभार किए जाने वाले बड़े कामों से कम समर्पण नहीं हैं; यह श्लोक अपनी पूरी सूची ठीक ऐसी ही रोज़मर्रा की बात पर समाप्त करता है और उसे सूची की हर अधिक प्रभावशाली बात के बराबर स्थान देता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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