संस्कृत
अपि चेदसि पापेभ्यः सर्वेभ्यः पापकृत्तमः । सर्वं ज्ञानप्लवेनैव वृजिनं सन्तरिष्यसि ॥
api ced asi pāpebhyaḥ sarvebhyaḥ pāpa-kṛttamaḥ sarvaṃ jñāna-plavenaiva vṛjinaṃ santariṣyasi
अनुवाद
यदि तुम सब पापियों में सबसे बढ़कर पाप करने वाले भी हो, तब भी ज्ञान की नौका से ही तुम समस्त पाप को पार कर जाओगे।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
सबसे बुरा पाप करने वाला भी “ज्ञान के बेड़े” — ज्ञानप्लवेन — से हर पाप को पार कर जाता है। यह जान-बूझकर किया गया एक चरम दावा है, क्योंकि यहाँ की शब्द-रचना संस्कृत में संभव सबसे निरपेक्ष अतिशयवाचक रूप तक जाती है — पापकृत्तमः, “सबमें सबसे अधिक पाप करने वाला”। बिंब उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितना दावा: बेड़ा समुद्र को मिटाता नहीं, वह आपको उसके पार ले जाता है। इसलिए यहाँ ज्ञान का वर्णन पिछले कर्मों को पीछे जाकर मिटा देने वाले के रूप में उतना नहीं हो रहा, जितना इस रूप में कि वह उन्हें पार उतरने की राह की वह बाधा नहीं रहने देता, जो वे अन्यथा बने रहते। प्लव — बेड़ा, पार उतारने का साधन — एक सटीक बिंब है: ज्ञान परिणामों के समुद्र को सुखाता नहीं, वह आपको उसके ऊपर तैराकर ले जाता है। गीता 4.37 की अग्नि इसी दावे का अधिक प्रबल रूप है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- api ced asi pāpebhyaḥअपि चेद् असि पापेभ्यः
- यदि तुम पापियों में भी हो (api + cet + asi + pāpebhyaḥ)
- sarvebhyaḥ pāpa-kṛttamaḥसर्वेभ्यः पाप-कृत्तमः
- सब पापियों से बढ़कर पाप करने वाले (sarvebhyaḥ + pāpa-kṛt-tamaḥ)
- sarvaṃ jñāna-plavenaivaसर्वं ज्ञान-प्लवेनैव
- सारे, ज्ञान रूपी नौका से ही (sarvam + jñāna-plavena + eva)
- vṛjinaṃ santariṣyasiवृजिनं सन्तरिष्यसि
- पाप को तुम भली-भाँति पार कर जाओगे (vṛjinam + santariṣyasi)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Verse 35 promised freedom from future confusion; this verse answers the objection nobody voiced yet — what about past guilt, actions already done and unchangeable? Rather than testing that claim on a mild case, the text reaches for the most extreme one Sanskrit’s superlative grammar allows, “most sin-doing of all,” and asserts the same crossing holds even there. Testing a claim at its hardest case rather than its average one is usually a sign the claim is meant seriously, not rhetorically.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
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पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप यह तय कर रहे हों कि अपने किए किसी काम के बाद आपके लिए सच्चा बदलाव संभव है या नहीं, तो इस विश्वास को अपने अतीत के किसी हल्के रूप पर न परखें — उसे उसके सबसे बुरे हिस्से पर परखें; यदि यह विचार कि आप अब भी आगे बढ़ सकते हैं, वहाँ भी टिका रहता है, तो वह भरोसे के योग्य है, न कि केवल छोटी गलतियों के लिए बचाकर रखने योग्य।
व्यावसायिक
- जब आप यह नीति बनाएँ कि आपकी टीम गलतियों से कैसे निपटेगी, तो उसे किसी हल्की विफलता पर नहीं, बल्कि सबसे बुरी विफलता पर परखें जिसकी आप कल्पना कर सकते हैं — दोषारोपण-रहित समीक्षा की जो प्रक्रिया केवल छोटी घटनाओं पर ही काम करती है, वह वास्तव में वह प्रक्रिया नहीं है जो आप उसे समझते हैं।
परिवार और समाज
- यदि आप अपने किसी निकट व्यक्ति को क्षमा कर रहे हैं, तो यह परखें कि क्या आप सचमुच ऐसा मानते हैं — उसकी केवल छोटी चूकों पर नहीं, बल्कि उसके सबसे बुरे क्षण पर — जो क्षमा केवल छोटे अपराधों के सामने ही टिकती है, उसकी कभी सच्ची परीक्षा हुई ही नहीं।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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