10.28

संस्कृत

आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् । प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः ॥ २८ ॥

āyudhānām ahaṃ vajraṃ dhenūnām asmi kāmadhuk prajanaś cāsmi kandarpaḥ sarpāṇām asmi vāsukiḥ

अनुवाद

शस्त्रों में मैं वज्र हूँ और गायों में कामधेनु हूँ। सन्तान उत्पन्न करने वालों में मैं कन्दर्प हूँ और सर्पों में वासुकि हूँ।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

एक संक्षिप्त श्लोक, जिसकी दो पंक्तियों में श्लोक 23 की तरह चार श्रेणियाँ हैं — अस्त्र, गौएँ, काम और सर्प। यह एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न क्षेत्रों से होकर गुज़रता है, और इन्हें जोड़ने वाला कोई सूत्र नहीं है, सिवाय इसके कि हर एक अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ है। प्रजनः… कन्दर्पः — कामदेव के रूप में सृजन करने वाली शक्ति — वही “धर्म के विरुद्ध न जाने वाला काम” है, जिसका दावा गीता 7.11 पहले ही कर चुका है। संतान उत्पन्न करने वाला काम हिसाब-किताब में दैवी पक्ष की ओर है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

āyudhānām ahaṃ vajraṃआयुधानां अहं वज्रं
शस्त्रों में मैं वज्र हूँ (āyudhānām + aham + vajram)
dhenūnām asmi kāmadhukधेनूनां अस्मि कामधुक्
गौओं में मैं कामधेनु हूँ (dhenūnām + asmi + kāma-dhuk)
prajanaś cāsmi kandarpaḥप्रजनश् चास्मि कन्दर्पः
और संतान उत्पन्न करने वालों में मैं कन्दर्प हूँ (prajanaḥ + ca + asmi + kandarpaḥ)
sarpāṇām asmi vāsukiḥसर्पाणां अस्मि वासुकिः
सर्पों में मैं वासुकि हूँ (sarpāṇām + asmi + vāsukiḥ)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Kandarpa — desire itself, the drive behind procreation — sits in this list beside a weapon, a cow, and a serpent, claimed as a vibhuti with the same flat confidence as the others. The list doesn’t flinch at naming desire as something to trace back to Krishna rather than something to merely tolerate or suppress; the drive itself is counted among the summit examples, not excluded from them.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • यह न मान लें कि आपके भीतर की कोई प्रबल प्रेरणा या इच्छा अपने-आप ही दबाने लायक है — पहले यह खोजें कि वह वास्तव में किस ओर उन्मुख है, और फिर उसी आधार पर तय करें कि उस पर अमल करना है, उसकी दिशा बदलनी है या उसे संयम में रखना है।

व्यावसायिक

  • टीम के किसी सदस्य की दिखाई देने वाली महत्वाकांक्षा को अपने-आप संदिग्ध न मानें — महत्वाकांक्षा भी किसी अन्य प्रेरणा की तरह ही एक प्रेरणा है, और टीम का नेतृत्व करने वाले के रूप में आपका काम उसे सही लक्ष्य की ओर मोड़ना है, न कि उसकी तीव्रता पर ही बिना सोचे-समझे अविश्वास करना।

परिवार और समाज

  • किसी रिश्ते में इच्छा और चाहत को शर्मनाक मानने या छिपाने की ज़रूरत नहीं है — उसे साफ़-साफ़ स्वीकार करना और अच्छी दिशा में लगाना, यह दिखावा करने से अधिक ईमानदार है कि वह है ही नहीं या उसे कम से कम रखना चाहिए।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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