10.1

संस्कृत

भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः । यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥ १ ॥

bhūya eva mahābāho śṛṇu me paramaṃ vacaḥ yat te'haṃ prīyamāṇāya vakṣyāmi hitakāmyayā

अनुवाद

हे महाबाहो, मेरे परम वचन को एक बार फिर सुनो, जिसे मैं तुम प्रिय को तुम्हारे हित की इच्छा से कहूँगा।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

कृष्ण स्पष्ट रूप से “फिर से” (भूय एव) कहकर प्रवचन दोबारा आरम्भ करते हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक दूसरी शुरुआत है, अध्याय 9 वाले तर्क-सूत्र को ही आगे बढ़ाना नहीं। “महाबाहो” संबोधन और बताया गया प्रयोजन — अर्जुन का हित, क्योंकि वह प्रिय है — एक आत्मीय, भक्तिपूर्ण स्वर स्थापित करते हैं। यह स्वर पूरे अध्याय में बना रहता है और अध्याय 2-6 के अधिक तर्कप्रधान स्वर से अलग है। प्रीयमाणाय… हितकाम्यया — “तुम्हें, जो इसे प्रेम से सुनते हो, तुम्हारे हित की इच्छा से” — यह प्रयोजन को सीधे शब्दों में बता देता है: यह अध्याय एक भक्त को दिए गए उपहार के रूप में कहा गया है, जीतने के लिए किसी तर्क के रूप में नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

bhūya eva mahābāhoभूय एव महाबाहो
हे महाबाहु, एक बार फिर (bhūyaḥ + eva + mahā-bāho)
śṛṇu me paramaṃ vacaḥशृणु मे परमं वचः
मेरा परम वचन सुनो (śṛṇu + me + paramam + vacaḥ)
yat te'haṃ prīyamāṇāyaयत् तेऽहं प्रीयमाणाय
जिसे मैं तुम प्रिय से (yat + te + aham + prīyamāṇāya)
vakṣyāmi hitakāmyayāवक्ष्यामि हितकांयया
तुम्हारे हित की कामना से कहूँगा (vakṣyāmi + hita-kāmyayā)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Bhūya eva — “again” — is doing structural work most translations flatten into a mere transition word: Krishna signals that what follows should not be read as more of the same argument-thread running since Chapter 2, but as something new. Naming a shift before making it changes how the next thirty verses are heard — as intimacy rather than instruction — before a single word of that intimacy has been spoken.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप किसी को दी जा रही बात का सार बदलें — चाहे वह सलाह हो या किसी परियोजना की दिशा — तो आगे बढ़ने से पहले यह साफ़-साफ़ कह दें, जैसे कृष्ण अपनी बात फिर से शुरू करने से पहले "फिर से" कहकर इसे बता देते हैं। बदलाव को पहले ही बता देने से लोग आगे कही जाने वाली बात को किसी गलत पिछले सूत्र से नहीं जोड़ते।

व्यावसायिक

  • जब आप रुकी हुई किसी चर्चा या परियोजना के किसी चरण को दोबारा शुरू करें, तो नई बातों में उतरने से पहले साफ़ शब्दों में कहें कि आप ढाँचा नए सिरे से तय कर रहे हैं — यह मानकर न चलें कि आपकी टीम खुद ही इस बदलाव को समझ लेगी। खुलकर कहकर किया गया स्पष्ट नया आरंभ नए काम को गलत पिछले संदर्भ में पढ़े जाने से बचाता है।

परिवार और समाज

  • जब आप किसी कठिन बातचीत को कुछ समय रुकने के बाद फिर से शुरू करें, तो सामने वाले व्यक्ति को बता दें कि आप नए सिरे से शुरू कर रहे हैं, बजाय यह मानने के कि वह खुद ही इस बदलाव को भाँप लेगा। नई शुरुआत को शब्दों में कह देना, जैसा कृष्ण अपना उपदेश आगे बढ़ाने से पहले करते हैं, पुरानी धारणाओं को नई बातचीत में घुलने से रोकता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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