संस्कृत
अक्षराणामकारोऽस्मि द्वन्द्वः सामासिकस्य च । अहमेवाक्षयः कालो धाताऽहं विश्वतोमुखः ॥ ३३ ॥
akṣarāṇām akāro'smi dvandvaḥ sāmāsikasya ca aham evākṣayaḥ kālo dhātāhaṃ viśvatomukhaḥ
अनुवाद
अक्षरों में मैं अकार हूँ और समासों में द्वन्द्व समास हूँ। मैं ही अक्षय काल हूँ, और मैं ही वह धारण-पोषण करने वाला हूँ जिसका मुख सब ओर है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
अक्षरों में अकार, जिसे सोच-समझकर चुना गया है — परम्परा से यह पहली ध्वनि है और समस्त वाणी के मूल में स्थित बीजाक्षर है, जो श्लोक 25 में ॐ के “एक अक्षर” होने की बात को फिर से याद दिलाता है। इसके साथ कुछ अनोखे ढंग से द्वन्द्व को रखा गया है, जो संस्कृत व्याकरण का एक विशेष समास-प्रकार है। इससे पता चलता है कि यह सूची उदाहरण के लिए तकनीकी व्याकरण तक जाने को भी तैयार है। अकारोऽस्मि — “मैं अकार हूँ” — वह ध्वनि जो हर व्यंजन में स्वाभाविक रूप से रहती है, वाणी का बीज। अक्षयः कालः, “अविनाशी काल”, मृत्यु-रूपी काल की आकृति का तीसरा नामकरण है, उसके स्पष्ट रूप से सामने आने से एक श्लोक पहले।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- akṣarāṇām akāro'smiअक्षराणां अकारोऽस्मि
- अक्षरों में मैं अकार हूँ (akṣarāṇām + a-kāraḥ + asmi)
- dvandvaḥ sāmāsikasya caद्वन्द्वः सामासिकस्य च
- और समासों में द्वन्द्व (dvandvaḥ + sāmāsikasya + ca)
- aham evākṣayaḥ kāloअहं एवाक्षयः कालो
- मैं ही अक्षय काल हूँ (aham + eva + akṣayaḥ + kālaḥ)
- dhātāhaṃ viśvatomukhaḥधाताहं विश्वतोमुखः
- सब ओर मुख वाला धारण-पोषण करने वाला मैं हूँ (dhātā + aham + viśvataḥ-mukhaḥ)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Dvandva is chosen here for its precise grammatical sense, a particular type of Sanskrit compound — but the same word is the ordinary term for conflict, opposition, pairs of opposites, even single combat (dvandva-yuddha). A verse otherwise absorbed in grammar and phonetics reaches for a word that, read outside its technical sense, describes exactly the confrontation Arjuna is paused inside of.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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- ध्यान दें कि कब कोई शब्द, जिसे आप किसी सीमित, तकनीकी प्रयोजन के लिए इस्तेमाल करते हैं, आपकी वास्तविक स्थिति में कोई दूसरा, अधिक गहरा अर्थ लिए हुए है — जिन शब्दों तक आप आदतन पहुँचते हैं, वे कभी-कभी आपकी सोच से कहीं अधिक बता देते हैं कि आप किस चीज़ का सामना कर रहे हैं।
व्यावसायिक
- किसी सीमित तकनीकी प्रयोजन के लिए अपनाई गई पारिभाषिक शब्दावली में कभी-कभी एक विडंबनापूर्ण दोहरा अर्थ छिपा होता है, जो सामने मौजूद असली टकराव को नाम दे देता है — ध्यान दें जब आपकी टीम द्वारा सहज भाव से प्रयुक्त कोई शब्द ठीक उसी तनाव का वर्णन करता निकले, जिसे सीधे नाम देने से आप बच रहे हैं।
परिवार और समाज
- परिवार की बातचीत में सहज भाव से कहा गया कोई शब्द इरादे से कहीं गहरी गूँज लिए हो सकता है — यदि कोई वाक्यांश बार-बार उभरता रहे, तो यह पूछना उचित हो सकता है कि उस सहज प्रयोग के नीचे वह वास्तव में किस ओर संकेत कर रहा है।
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