6.13

संस्कृत

समं कायशिरोग्रीवं धारयन्नचलं स्थिरः । संप्रेक्ष्य नासिकाग्रं स्वं दिशश्चानवलोकयन् ॥

samaṃ kāyaśirogrīvaṃ dhārayann acalaṃ sthiraḥ saṃprekṣya nāsikāgraṃ svaṃ diśaś cānavalokayan

अनुवाद

शरीर, सिर और गर्दन को सीधा, अचल और स्थिर रखकर, अपनी नाक के अग्रभाग पर दृष्टि जमाए हुए और किसी भी दिशा में न देखते हुए।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

यहाँ बताई गई आसन की बारीकियाँ — शरीर, सिर और गर्दन एक सीध में, दृष्टि नासिका के अग्रभाग पर टिकी हुई — इतनी सटीक हैं कि आज भी आधुनिक हठ योग और ध्यान योग की शिक्षा में इन्हें ज्यों का त्यों उद्धृत किया जाता है। “अनदेखी दृष्टि” ही मुख्य वाक्यांश है: आँखें खुली हैं और एक बिंदु पर टिकी हैं, पर बाहर किसी चीज़ को देख नहीं रहीं। अनवलोकयन् — “इधर-उधर न देखते हुए” — एक तकनीक है, रूपक नहीं: दृष्टि को एक जगह ठहरा दिया जाता है ताकि वह मन को नए-नए विषय देना बंद कर दे। यह इन्द्रियों को समेटने की वही प्रक्रिया है जिसकी रूपरेखा गीता 5.27 ने खींची थी, अब उसके साथ एक आसन भी जुड़ गया है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

samaṃ kāyaśirogrīvaṃसमं कायशिरोग्रीवं
शरीर, सिर और गर्दन को सीधा एक रेखा में (samam + kāya-śiraḥ-grīvam)
dhārayann acalaṃ sthiraḥधारयन्न् अचलं स्थिरः
अचल रखते हुए, स्थिर होकर (dhārayan + acalam + sthiraḥ)
saṃprekṣya nāsikāgraṃ svaṃसंप्रेक्ष्य नासिकाग्रं स्वं
अपनी नासिका के अग्रभाग को देखते हुए (saṃprekṣya + nāsikā-agram + svam)
diśaś cānavalokayanदिशश् चानवलोकयन्
और किसी भी दिशा में न देखते हुए (diśaḥ + ca + anavalokayan)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

“Unseeing gaze” is a strange and precise phrase — the eyes stay open and fixed on a point, but nothing is being looked at. That’s a useful distinction beyond meditation posture: attention can be technically present, eyes open and pointed somewhere, while genuinely not taking anything in. The verse is instructing a very specific kind of engaged non-engagement.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

Site Commentary — Second Reading

Before it says anything about the eyes, the verse fixes body, head, and neck into one aligned line — samam, level — held as a single continuous axis rather than three separately relaxed parts. That’s a physical instruction, not a metaphor: a plumb line the posture is built along, which is presumably why it’s still cited unchanged in hatha yoga manuals today. The “unseeing gaze” that follows only works because the structural alignment underneath it is already fixed — the mind’s stillness is scaffolded on the spine’s, not the other way around.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • सचमुच आराम करने और बस खुली आँखों से स्क्रीन को घूरते रहने के बीच का अंतर देखें — केवल तकनीकी रूप से मौजूद होना वैसा नहीं है जैसा मन का सचमुच विश्राम में उतर जाना। सच्चे आराम के लिए कभी-कभी जान-बूझकर अनदेखी दृष्टि की ज़रूरत होती है, केवल शरीर से स्थिर रहने की नहीं।

व्यावसायिक

  • जिस बैठक में आप सक्रिय रूप से योगदान नहीं दे रहे, उसमें निष्क्रिय होकर आधा-अधूरा सुनने और सोच-समझकर यह चुनने में अंतर है कि आपका ध्यान कहाँ जाए — चर्चा पर एक अनदेखी दृष्टि, जिसमें आप मौजूद हों पर हर बात को पकड़ने की कोशिश न करें, दिखावटी पूरी भागीदारी की तुलना में अधिक ऊर्जा बचाती है।

परिवार और समाज

  • जब परिवार के किसी सदस्य को आपकी ज़रूरत पास रहने के लिए हो, उनकी स्थिति को सक्रिय रूप से सुलझाने के लिए नहीं, तो उनकी कही हर बात के हर ब्योरे को पकड़े बिना मौजूद रहने का अभ्यास करें — कभी-कभी सहारा सक्रिय भागीदारी जैसा नहीं, बल्कि स्थिर और बिना किसी अपेक्षा वाले ध्यान जैसा दिखता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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