3.34

संस्कृत

इन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ । तयोर्न वशमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ ॥

indriyasyendriyasyārthe rāgadveṣau vyavasthitau tayor na vaśam āgacchet tau hy asya paripanthinau

अनुवाद

प्रत्येक इन्द्रिय के विषय में राग और द्वेष स्थित रहते हैं। मनुष्य को उन दोनों के वश में नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे दोनों उसके मार्ग के लुटेरे हैं।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

श्लोक 33 की नियतिवाद वाली समस्या का व्यावहारिक उत्तर यह है: चूँकि प्रकृति को पूरी तरह दबाया नहीं जा सकता, इसलिए असली पकड़ का बिंदु राग और द्वेष, यानी आकर्षण और विकर्षण, हैं। यहाँ बाधा डालने वाले इन्हीं को बताया गया है, स्वयं प्रकृति को नहीं। प्रकृति को दबाने की तुलना में यह एक छोटा और अधिक साध्य लक्ष्य है, और इसी से वह प्रश्न सामने आता है जो अर्जुन आगे पूछते हैं। परिपन्थिन् — “राहज़न, जो रास्ते में घात लगाकर बैठा हो” — पसंद-नापसंद की इस सहज प्रतिक्रिया को घात लगाने वाले के रूप में दिखाता है, पूरी यात्रा के रूप में नहीं। यह वही सटीक लक्ष्य है जिसे गीता 2.64 ने पहचाना था: हस्तक्षेप प्रतिक्रिया पर करें, संपर्क पर नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

indriyasyendriyasyārtheइन्द्रियस्येन्द्रियस्यार्थे
प्रत्येक इन्द्रिय के विषय में (indriyasya + indriyasya + arthe)
rāgadveṣau vyavasthitauरागद्वेषौ व्यवस्थितौ
राग और द्वेष स्थित हैं (rāga-dveṣau + vyavasthitau)
tayor na vaśam āgacchetतयोः न वशं आगच्छेत्
उन दोनों के वश में नहीं आना चाहिए (tayoḥ + na + vaśam + āgacchet)
tau hy asya paripanthinauतौ ह्य् अस्य परिपन्थिनौ
क्योंकि वे दोनों इसके मार्ग के लुटेरे हैं (tau + hi + asya + paripanthinau)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Notice where the verse locates attraction and aversion: not in the object encountered, but “in the senses” themselves — a standing disposition that precedes any particular encounter. That reframes the whole problem. It isn’t that a specific tempting thing has power over you; it’s that you already showed up with a pre-installed lean toward or away from that category of thing, before you ever met this particular instance of it.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब कोई चीज़ आपको बहुत ज़्यादा लुभाए या खुद से दूर धकेले, तो याद रखें कि यह खिंचाव असल में उस खास चीज़ से नहीं आ रहा है। यह एक स्थायी झुकाव है, जिसे आप उस सामने आई स्थिति में पहले से साथ लेकर आए थे। उसके किसी एक मौके से बचने से ज़्यादा ज़रूरी उस झुकाव को संभालना है।

व्यावसायिक

  • अगर किसी खास तरह का काम या मीटिंग हर बार आपके भीतर विरोध जगा देती है, तो समस्या आमतौर पर वह एक मौका नहीं होता। यह एक स्थायी विमुखता है, जो आप उस पूरी श्रेणी के प्रति साथ लेकर चलते हैं। इस ढर्रे पर काम करें, सिर्फ़ आज के मौके पर नहीं।

परिवार और समाज

  • अगर परिवार के किसी सदस्य की किसी खास तरह की बात आपको हर बार भड़का देती है, तो असली कारण वह एक टिप्पणी नहीं होती। आप उस तरह की हर बातचीत में एक स्थायी संवेदनशीलता साथ लेकर जाते हैं। उसी पर काम करना सार्थक है, अगली किसी एक टिप्पणी पर नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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