संस्कृत
धूमेनाऽव्रियते वह्निर्यथाऽऽदर्शो मलेन च । यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम् ॥
dhūmenāvriyate vahnir yathādarśo malena ca yatholbenāvṛto garbhas tathā tenedam āvṛtam
अनुवाद
जैसे धुएँ से अग्नि ढकी रहती है, जैसे धूल से दर्पण और जैसे गर्भ झिल्ली से ढका रहता है, वैसे ही उससे यह ढका हुआ है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
यहाँ तीन उपमाएँ हैं, जो इस क्रम में आती हैं कि आवरण नीचे की वस्तु को कितना पूरी तरह ढक लेता है — आग के चारों ओर का धुआँ आंशिक है और दिखाई देता है, दर्पण पर जमी धूल उससे अधिक पूरी तरह ढकती है, और गर्भ को लपेटने वाली झिल्ली एक पूर्ण आवरण है। यह जान-बूझकर क्रमशः बढ़ती हुई रचना है, कोई यों ही बनाई गई सूची नहीं, और यह श्लोक 39 के इस कथन की ओर बढ़ती है कि कामना विशेष रूप से ज्ञानियों का एक अत्यंत हठी, “नित्य” शत्रु है। हर चित्र एक अलग उपाय की ओर भी संकेत करता है: धुआँ अपने आप छँट जाता है, धूल को पोंछना पड़ता है, और गर्भ की झिल्ली समय पूरा होने पर बाहर से तोड़नी पड़ती है। यह क्रमिक वृद्धि बताती है कि काम की पकड़ की गहराई अलग-अलग होती है — और उसका सबसे गहरा रूप यों ही नहीं हटता।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- dhūmenāvriyate vahnirधूमेनाव्रियते वह्निः
- जैसे धुएँ से अग्नि ढकी रहती है (dhūmena + āvriyate + vahniḥ)
- yathādarśo malena caयथादर्शो मलेन च
- और जैसे धूल से दर्पण ढका रहता है (yathā + ādarśaḥ + malena + ca)
- yatholbenāvṛto garbhasयथोल्बेनावृतो गर्भस्
- जैसे झिल्ली से भ्रूण ढका रहता है (yathā + ulbena + āvṛtaḥ + garbhaḥ)
- tathā tenedam āvṛtamतथा तेनेदं आवृतं
- वैसे ही उससे यह ढका हुआ है (tathā + tena + idam + āvṛtam)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
All three images share something worth noticing beyond their escalating completeness: in every case, what’s covered is not damaged, only obscured. Smoke doesn’t put out the fire, dust doesn’t melt the mirror, the amnion doesn’t harm the embryo. The metaphor is quietly optimistic about what’s underneath, even as it escalates how thoroughly it’s currently hidden.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- जब कोई बुरी आदत या धुँधला विवेक आपको पूरी तरह घेरता हुआ लगे, तो इस श्लोक की शांत मान्यता याद रखें: जो ढका हुआ है वह क्षतिग्रस्त नहीं है, केवल छिपा हुआ है — जो स्पष्टता अभी छिपी है, वह नीचे अब भी ज्यों की त्यों है, नष्ट नहीं हुई है।
व्यावसायिक
- जब किसी टीम का अच्छा विवेक दबाव या राजनीति से पूरी तरह धुँधला हुआ लगे, तो यह मानें कि भीतर की क्षमता मिटी नहीं है, बल्कि ज्यों की त्यों है और बस ढकी हुई है — उपाय उसे ढकने वाली चीज़ को हटाना है, न कि उस क्षमता को फिर से खड़ा करना जो वास्तव में कभी खोई ही नहीं थी।
परिवार और समाज
- जब आपका कोई प्रिय व्यक्ति क्रोध या किसी बुरे दौर की चपेट में पूरी तरह आया हुआ लगे, तो इस विचार को थामे रखें कि वह वास्तव में जो है, वह ढका हुआ है, मिटा नहीं है — आवरण घना हो सकता है, फिर भी उसके नीचे की चीज़ क्षतिग्रस्त नहीं होती।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
स्वयं से पूछें
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