13.32

संस्कृत

अनादित्वान्निर्गुणत्वात्परमात्माऽयमव्ययः । शरीरस्थोऽपि कौन्तेय न करोति न लिप्यते ॥

anāditvān nirguṇatvāt paramātmāyam avyayaḥ śarīrastho 'pi kaunteya na karoti na lipyate

अनुवाद

हे कौन्तेय, अनादि और निर्गुण होने के कारण यह अविनाशी परमात्मा शरीर में स्थित होते हुए भी न कुछ करता है और न लिप्त होता है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

श्लोक 30 के दावे का सीधा पुनर्कथन, जिसमें उसका तर्क स्पष्ट कर दिया गया है: क्योंकि परम आत्मा अनादि और निर्गुण है — गुणों से रहित, उन गुणों से मुक्त जो कर्म को संभव ही बनाते हैं — इसलिए वह शरीर में स्थित रहते हुए भी न कर्म करता है, न लिप्त होता है। यहाँ निर्गुण वही काम करता है जो श्लोक 15 की विरोधाभास-सूची में “गुणों से रहित” ने किया था — आत्मा सत्त्व, रजस् और तमस् से गढ़ी गई एक और वस्तु नहीं है, और ठीक इसी कारण हर कर्म करने वाली प्रकृति को ही कर्ता होना पड़ता है, पुरुष को नहीं। गीता 13.30, जिसका तर्क यहाँ स्पष्ट कर दिया गया है: क्योंकि परम आत्मा अनादि और निर्गुण है — उन्हीं गुणों से मुक्त जो कर्म को संभव बनाते हैं — इसलिए वह शरीर में स्थित होकर भी न कर्म करता है, न मलिन होता है। इसीलिए सब कुछ करने वाली प्रकृति को ही कर्ता होना पड़ता है, पुरुष को नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

anāditvān nirguṇatvātअनादित्वान् निर्गुणत्वात्
अनादि और गुणों से रहित होने के कारण (anāditvāt + nirguṇatvāt)
paramātmāyam avyayaḥपरमात्मायं अव्ययः
यह अविनाशी परमात्मा (parama-ātmā + ayam + avyayaḥ)
śarīrastho 'pi kaunteyaशरीरस्थो ऽपि कौन्तेय
हे कौन्तेय, शरीर में स्थित होते हुए भी (śarīra-sthaḥ + api + kaunteya)
na karoti na lipyateन करोति न लिप्यते
न कर्म करता है, न लिप्त होता है (na + karoti + na + lipyate)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Verse 30 asserted that the self doesn’t act; this verse, two steps later, finally supplies the reason — because it is beginningless and nirguna, without the qualities that make action possible at all. The gap between claim and justification is worth noticing: the text is comfortable stating the conclusion well before it gets around to the argument for it.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • किसी दृढ़ विश्वास के अनुसार, उसका पूरा कारण समझा पाने से पहले ही, काम करना ठीक है, बशर्ते आप बाद में लौटकर उसका तर्क खोज लें — दावे से दो कदम पीछे चलते हुए औचित्य का बाद में पहुँचना काम का एक सामान्य क्रम है, कोई कमी नहीं।

व्यावसायिक

  • यदि आप पूरा सहायक विश्लेषण तैयार होने से पहले ही कोई निर्णय ले लेते हैं, तो तर्क तैयार होते ही उसके साथ फिर से लौटें, और इस देरी को समस्या न मानें — पहले बताया गया और थोड़ी देर बाद उचित ठहराया गया निर्णय भी एक ऐसा क्रम है जिसका बचाव किया जा सकता है।

परिवार और समाज

  • यदि आप अपने जीवनसाथी से ठीक-ठीक कारण सोच लेने से पहले ही 'इस बारे में मुझ पर भरोसा करो' कह देते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि उसके बाद स्पष्टीकरण सचमुच दिया जाए — कुछ समय बाद दिया गया कारण भी मान्य है, बशर्ते वह दिया जाए।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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