13.6

संस्कृत

महाभूतान्यहङ्कारो बुद्धिरव्यक्तमेव च । इन्द्रियाणि दशैकं च पञ्च चेन्द्रियगोचराः ॥

mahābhūtāny ahaṅkāro buddhir avyaktam eva ca indriyāṇi daśaikaṃ ca pañca cendriyagocarāḥ

अनुवाद

पंच महाभूत, अहंकार, बुद्धि और अव्यक्त भी, दस इन्द्रियाँ और एक मन, तथा इन्द्रियों के पाँच विषय।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

यह सूची एक संक्षिप्त सांख्य-शैली की तत्त्व-मीमांसा से आरम्भ होती है: पाँच स्थूल तत्त्व (महाभूत — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश), अहंकार (अहं-भाव, व्यक्तित्व रचने वाली वह क्षमता जो “मैं” और “मेरा” गढ़ती है), बुद्धि (विवेक करने वाली मेधा), अव्यक्त (वह अप्रकट मूल-संभावना जिसमें प्रकृति नाम वाली वस्तुओं में विभक्त होने से पहले रहती है), ग्यारह इन्द्रियाँ (पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ, पाँच कर्मेन्द्रियाँ, और साथ में मन), तथा पाँच इन्द्रिय-विषय। इनमें से किसी भी शब्द पर यहाँ अलग से अवधारणा-टिप्पणी नहीं है, इसलिए एक बार इन्हें सटीक रूप से समझ लेना उचित है: ये अनुभव के साधन और कच्ची सामग्री हैं — वह सब कुछ जिसका अवलोकन किया जा सकता है — और ठीक इसी कारण यह सब क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाजन के “क्षेत्र” पक्ष में आता है, ज्ञाता के पक्ष में नहीं। एक संक्षिप्त सांख्य तत्त्व-मीमांसा: पाँच तत्त्व, अहंकार, बुद्धि, अव्यक्त मूल, ग्यारह इन्द्रियाँ, पाँच विषय। यह सब क्षेत्र का अंग है — अनुभव के साधन और कच्ची सामग्री, वह सब कुछ जिसका अवलोकन किया जा सकता है — ज्ञाता का नहीं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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शब्द-दर-शब्द

mahābhūtāny ahaṅkāroमहाभूतान्य् अहङ्कारो
महाभूत, अहंकार (mahā-bhūtāni + ahaṅkāraḥ)
buddhir avyaktam eva caबुद्धिः अव्यक्तं एव च
बुद्धि और अव्यक्त भी (buddhiḥ + avyaktam + eva + ca)
indriyāṇi daśaikaṃ caइन्द्रियाणि दशैकं च
दस इन्द्रियाँ और एक (मन) (indriyāṇi + daśa + ekam + ca)
pañca cendriyagocarāḥपञ्च चेन्द्रियगोचराः
और पाँच इन्द्रिय-विषय (pañca + ca + indriya-go-carāḥ)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

This catalogue and the one that follows in verses 8-12 are both lists, but they work in opposite registers: this one is purely descriptive — elements, senses, faculties named without a hint of approval or disapproval — while the coming list of humility, non-violence, and equanimity is unmistakably normative, each item something to cultivate. The chapter doesn’t blur that line: what belongs to the field gets named neutrally, what belongs to the path toward the knower gets named as a value.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप अपनी स्थिति का जायज़ा लें — किन साधनों, सीमाओं और कच्ची सामग्री के साथ आप काम कर रहे हैं — तो इस सूची को नैतिकता के तराज़ू पर तौलने की इच्छा से बचें। 'चाहिए' की भाषा को उन गुणों की अलग सूची के लिए बचाकर रखें, जिन्हें आप सचमुच विकसित करना चुन रहे हैं।

व्यावसायिक

  • किसी सिस्टम के वास्तविक घटकों और सीमाओं की अपनी सूची को पूरी तरह वर्णनात्मक रखें, इस पर कोई टिप्पणी न जोड़ें कि क्या होना चाहिए, और उसे अपनी टीम के इंजीनियरिंग सिद्धांतों की मानक सूची से अलग रखें। दोनों को आपस में मिला देने से आर्किटेक्चर का ईमानदार आकलन एक बहस बन जाता है।

परिवार और समाज

  • जब आप अपने परिवार की वास्तविक परिस्थितियों — आय, स्वास्थ्य, दायित्व — की सूची बनाएँ, तो उसे निष्पक्ष और तथ्यपरक रखें, और उन मूल्यों की एक अलग, स्पष्ट सूची रखें जिनके अनुसार आप जीना चुन रहे हैं। तथ्यों को अपने चरित्र पर दिए गए फ़ैसले मान लेना उस सूची में केवल अपराध-बोध जोड़ देता है, जिसका उद्देश्य हमेशा केवल वर्णन करना था।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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