संस्कृत
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् । सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥
yudhāmanyuś ca vikrānta uttamaujāś ca vīryavān saubhadro draupadeyāś ca sarva eva mahārathāḥ
अनुवाद
पराक्रमी युधामन्यु और बलवान उत्तमौजा, सुभद्रापुत्र तथा द्रौपदी के पुत्र भी यहाँ हैं। ये सभी के सभी महारथी हैं।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
सूची सौभद्र के साथ पूरी होती है — अर्थात् सुभद्रा से उत्पन्न अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु — और द्रौपदेयों के साथ, जो द्रौपदी के पाँच पुत्र हैं। दुर्योधन अगली पीढ़ी के नाम सबसे अंत में लेता है, और सभी को महारथाः, “महान रथी योद्धा”, कहा गया है, जिनमें से प्रत्येक अकेले दस हज़ार धनुर्धारियों से लड़ने में समर्थ है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- yudhāmanyuś caयुधामन्युश् च
- और युधामन्यु
- vikrāntaविक्रान्त
- पराक्रमी
- uttamaujāś caउत्तमौजाश् च
- और उत्तमौजा
- vīryavānवीर्यवान्
- बलशाली
- saubhadroसौभद्रो
- सुभद्रा का पुत्र — अभिमन्यु
- draupadeyāś caद्रौपदेयाश् च
- और द्रौपदी के पुत्र
- sarva evaसर्व एव
- ये सभी, बिना किसी अपवाद के
- mahārathāḥमहारथाः
- महारथी
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
The roster closes by naming the youngest fighters last, not first as an afterthought — a sequencing choice that leaves the next generation, not the elders, as the roster’s final and most memorable note. Whatever comes last in an account tends to be what actually stays with the listener, regardless of what came first.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- अपनी कहानी सुनाते समय, जो बात सचमुच सबसे अधिक मायने रखती है उसे अंत में रखें, बीच में दबाकर नहीं — जो अंत में आता है वही लोगों को याद रहता है, ठीक वैसे ही जैसे यह सूची अपने सबसे वरिष्ठ नामों पर नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी पर समाप्त होती है।
व्यावसायिक
- किसी स्टेटस अपडेट या प्रस्तुति में, अपनी सबसे महत्त्वपूर्ण बात से शुरुआत करके फिर धीरे-धीरे ढीले पड़ने के बजाय, उसे अंत के लिए बचाकर रखें — श्रोताओं के मन में एक दमदार शुरुआत की तुलना में सबसे बाद में कही गई बात अधिक भरोसे से टिकी रहती है।
परिवार और समाज
- किसी कठिन बातचीत में, सोच-समझकर तय करें कि आप अंत में क्या कहेंगे — वही असल में याद रखा जाता है, इसलिए ऐसा न होने दें कि मुख्य बातें शुरुआत में ही खर्च हो जाएँ और अंतिम बात बस यूँ ही कह दी जाए।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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