संस्कृत
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम । नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते ॥
asmākaṃ tu viśiṣṭā ye tān nibodha dvijottama nāyakā mama sainyasya saṃjñārthaṃ tān bravīmi te
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ, अब हमारे पक्ष के जो प्रमुख योद्धा हैं, उन्हें भी जान लीजिए। मेरी सेना के जो नायक हैं, उनके नाम मैं आपको बताने के लिए गिनाता हूँ।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
विरोधी पक्ष की शक्ति गिनाने के बाद दुर्योधन अपने सेनानायकों के नाम बताने की ओर मुड़ता है, और द्रोण को आदरपूर्वक “द्विजश्रेष्ठ” कहकर संबोधित करता है। यह भाव बहुत कुछ कह जाता है: वह केवल सूचना नहीं दे रहा, बल्कि अपने गुरु को आश्वस्त कर रहा है, और इसी बहाने स्वयं को भी।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- asmākaṃअस्माकं
- हमारे
- tuतु
- किन्तु
- viśiṣṭāविशिष्टा
- विशिष्ट जन
- yeये
- जो
- tānतान्
- उन्हें
- nibodhaनिबोध
- जान लीजिए
- dvijottamaद्विजोत्तम
- हे द्विजश्रेष्ठ
- nāyakāनायका
- नायक
- mama sainyasyaमम सैन्यस्य
- मेरी सेना के
- saṃjñārthaṃसंज्ञार्थं
- नाम लेकर बताने के लिए
- tānतान्
- उन्हें
- bravīmiब्रवीमि
- मैं कहता हूँ
- teते
- आपसे
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Duryodhana frames this roster as information “for thy information” — ostensibly serving Drona’s need to know. But a list this detailed, handed to a teacher who surely already knows his own side’s strength, is doing more for the speaker’s nerves than for the listener’s knowledge. People often dress up self-reassurance as briefing someone else.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- ध्यान दें कि कब आप किसी दूसरे व्यक्ति को कोई बात ज़रूरत से ज़्यादा समझा रहे हैं, मुख्य रूप से अपनी घबराहट शांत करने के लिए, इसलिए नहीं कि उन्हें सचमुच उतने विस्तार की ज़रूरत है — असल में आप जिससे बात कर रहे हैं, वह आप स्वयं हैं।
व्यावसायिक
- जब कोई प्रगति-रिपोर्ट असामान्य रूप से लंबी या विस्तृत हो जाए, तो जाँचें कि वह सुनने वाले की जानने की वास्तविक ज़रूरत पूरी कर रही है या काम को लेकर आपकी अपनी चिंता को — जैसे ही आप पहचान लें कि वह कौन-सी है, उसे छोटा कर दें।
परिवार और समाज
- जब आप पाएँ कि आप परिवार के किसी सदस्य को अपना कोई निर्णय ज़रूरत से ज़्यादा समझा रहे हैं, तो ईमानदारी से पूछें कि क्या उन्हें सचमुच इतने विस्तार की ज़रूरत है या असल में आप स्वयं को आश्वस्त कर रहे हैं — इसे पहचानकर कह देने से बातचीत बदल जाती है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
स्वयं से पूछें
इस श्लोक को पढ़ने से आगे ले जाने के कुछ तरीके। टिक और नोट इसी ब्राउज़र में रहते हैं।