संस्कृत
तस्य सञ्जनयन्हर्षं कुरुवृद्धः पितामहः । सिंहनादं विनद्योच्चैः शङ्खं दध्मौ प्रतापवान् ॥
tasya sañjanayan harṣaṃ kuruvṛddhaḥ pitāmahaḥ siṃhanādaṃ vinadyoccaiḥ śaṅkhaṃ dadhmau pratāpavān
अनुवाद
तब दुर्योधन के मन में हर्ष जगाते हुए कुरुवंश के वृद्ध, प्रतापी पितामह ने ऊँचे स्वर में सिंह के समान गर्जना करके अपना शंख बजाया।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
वर्णन फिर से संजय के अन्य-पुरुष विवरण पर लौट आता है: भीष्म दुर्योधन के चिंता भरे वचनों का उत्तर शब्दों से नहीं, बल्कि सोच-समझकर किए गए एक उत्साहवर्धक कार्य से देते हैं — वे सिंह-गर्जना के समान शंख बजाते हैं। इसी से शंखनाद का वह प्रसिद्ध क्रम आरम्भ होता है जो श्लोक 19 तक चलता है और जो वास्तविक युद्ध से पहले की औपचारिक प्रस्तावना है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- tasyaतस्य
- उसका (दुर्योधन का)
- sañjanayanसञ्जनयन्
- उत्पन्न करते हुए
- harṣaṃहर्षं
- हर्ष
- kuru-vṛddhaḥकुरु-वृद्धः
- कुरुवंश के वृद्ध
- pitāmahaḥपितामहः
- पितामह (भीष्म)
- siṃha-nādaṃसिंह-नादं
- सिंह की गर्जना
- vinadyoccaiḥविनद्योच्चैः
- ऊँचे स्वर में गरजकर
- śaṅkhaṃशङ्खं
- शंख
- dadhmauदध्मौ
- बजाया
- pratāpavānप्रतापवान्
- प्रतापी
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Bhîshma doesn’t answer Duryodhana’s anxious speech with words of reassurance at all — he answers with a sound, deliberate and loud enough to register as an act rather than a sentiment. Some reassurance lands harder as a demonstrated action than any spoken promise ever could.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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पाठ
व्यक्तिगत
- जब आपका कोई करीबी व्यक्ति चिंतित हो, तो सांत्वना के शब्दों का सहारा पहले लेने के बजाय किसी ठोस, दिखाई देने वाले तरीके से उसके साथ खड़े होने पर विचार करें — करके दिखाया गया कोई काम अक्सर किसी वादे से अधिक भरोसा देता है।
व्यावसायिक
- किसी घबराई हुई टीम के बड़े लॉन्च से पहले, किसी वरिष्ठ नेता का दिखाई देने वाला, आत्मविश्वास भरा कदम — उनके साथ मिलकर काम पूरा करना, कमरे में स्वयं मौजूद रहना — अक्सर उससे कहीं अधिक भरोसा देता है जितना हौसला बढ़ाने वाला कोई ईमेल कभी दे पाएगा।
परिवार और समाज
- परिवार के किसी चिंतित सदस्य को भरोसा दिलाते समय, दूर से कही गई सांत्वना पर निर्भर रहने के बजाय अपने शब्दों के साथ कोई ठोस, दिखाई देने वाला काम भी जोड़ें — स्वयं पहुँचें, वह काम करके दिखाएँ।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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