1.11

संस्कृत

अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः । भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि ॥

ayaneṣu ca sarveṣu yathābhāgam avasthitāḥ bhīṣmam evābhirakṣantu bhavantaḥ sarva eva hi

अनुवाद

इसलिए आप सब लोग सेना के सभी मोर्चों पर अपने-अपने नियत स्थान पर डटे रहकर निश्चय ही भीष्म की ही रक्षा करें।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

दुर्योधन का कथन एक सीधे आदेश के साथ समाप्त होता है: हर टुकड़ी अपनी जगह पर डटी रहे और, सबसे बढ़कर, भीष्म की रक्षा करे। यह एक व्यावहारिक निर्देश है, जो सीधे श्लोक 10 में व्यक्त चिंता से उपजा है — यदि सेना के पर्याप्त होने पर ही संदेह हो, तो उसका सेनापति ही वह एकमात्र चीज़ बन जाता है जिसे किसी भी हाल में खोया नहीं जा सकता।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

ayaneṣu ca sarveṣuअयनेषु च सर्वेषु
और सभी मोर्चों पर
yathā-bhāgamयथा-भागं
अपने-अपने निर्धारित स्थान के अनुसार
avasthitāḥअवस्थिताः
डटे रहकर
bhīṣmamभीष्मं
भीष्म की
evābhirakṣantuएवाभिरक्षन्तु
ही सब ओर से रक्षा करें
bhavantaḥभवन्तः
आप महानुभाव
sarva eva hiसर्व एव हि
आप में से हर एक

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Duryodhana doesn’t resolve the doubt he just voiced — he can’t, mid-speech — so he converts it into an order he can actually give. Uncertainty about the big question (“are we enough?”) gets displaced onto a smaller, controllable one (“protect the commander”), which is often exactly what anxiety does when the real problem has no immediate answer.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब किसी बड़ी चिंता का तुरंत कोई समाधान न हो, तो ध्यान दें कि कहीं आप उस ऊर्जा को किसी छोटे, अपने नियंत्रण वाले काम में तो नहीं मोड़ रहे हैं — कामचलाऊ उपाय के रूप में यह उपयोगी है, बशर्ते आप उस छोटे सुधार को बड़े संदेह का उत्तर मिल जाना न समझ बैठें।

व्यावसायिक

  • जब नेतृत्व क्षमता को लेकर किसी बड़ी, अनसुलझी चिंता को व्यक्त करने के ठीक बाद कोई सीमित सामरिक निर्देश जारी करे, तो इसे ध्यान हटाने का एक रूप पहचानें — उस क्षण में यह सहायक है, पर यह सुनिश्चित करें कि बड़ा प्रश्न चुपचाप छूट न जाए।

परिवार और समाज

  • जब आप किसी रिश्ते को लेकर किसी बड़ी चिंता को सुलझा न पा रहे हों, तो इस बीच किसी छोटे, अपने नियंत्रण वाले काम में जुट जाना ठीक है — बस इतना याद रखें कि तात्कालिक क्षण बीत जाने पर असली प्रश्न पर लौटना है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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