संस्कृत
अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम् । पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम् ॥
aparyāptaṃ tad asmākaṃ balaṃ bhīṣmābhirakṣitam paryāptaṃ tv idam eteṣāṃ balaṃ bhīmābhirakṣitam
अनुवाद
भीष्म द्वारा रक्षित हमारी वह सेना अपर्याप्त है, जबकि भीम द्वारा रक्षित इनकी यह सेना पर्याप्त है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
नामों की दो सूचियों के बाद उनके नीचे छिपी चिंता सीधे सामने आ जाती है: भीष्म के नेतृत्व के बावजूद दुर्योधन अपनी कहीं बड़ी सेना को पाण्डवों की सेना के सामने अपर्याप्त मानता है। पारंपरिक टीकाकार इस श्लोक के अर्थ पर वास्तव में बँटे हुए हैं — कुछ “अपर्याप्तम्” का अर्थ “अपर्याप्त” के बजाय “असीमित” लेते हैं, जिससे यह उलट जाता है कि वह किस सेना को कमज़ोर बता रहा है — अन्यथा सीधे-सादे शब्दों वाले श्लोक में यह वास्तविक अस्पष्टता का एक दुर्लभ उदाहरण है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- aparyāptaṃअपर्याप्तं
- असीमित — या अपर्याप्त
- tadतद्
- वह
- asmākaṃअस्माकं
- हमारी
- balaṃबलं
- सेना
- bhīṣmābhi-rakṣitamभीष्माभि-रक्षितं
- भीष्म द्वारा रक्षित
- paryāptaṃपर्याप्तं
- सीमित — या पर्याप्त
- tv idamत्व् इदं
- किन्तु यह
- eteṣāṃएतेषां
- इनकी
- balaṃबलं
- सेना
- bhīmābhi-rakṣitamभीमाभि-रक्षितं
- भीम द्वारा रक्षित
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Everything in verses 3 through 9 read like confidence — a long, detailed roster built to project strength. This verse quietly undoes that performance: the same man who built the case for his own army’s power is the one now judging it insufficient. A public show of confidence and a private assessment aren’t always the same document, and this is the verse where the gap between them surfaces.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप सबके सामने जो आत्मविश्वास दिखाते हैं और मन ही मन किसी स्थिति को जैसा आँकते हैं, उन दोनों में मेल न हो, तो इस अंतर को ऐसी असली जानकारी मानिए जिस पर कदम उठाना ज़रूरी है, न कि ऐसा विरोधाभास जिसे किसी तरह ढक दिया जाए।
व्यावसायिक
- यदि आपकी टीम बाहर के लोगों के सामने पूरा आत्मविश्वास दिखा रही है, जबकि आप मन ही मन अपनी क्षमता पर संदेह कर रहे हैं, तो इससे कोई नुकसान होने से पहले ही सोच-समझकर इस अंतर को पाट दीजिए — दिखावे को ईमानदार आकलन से और आगे न निकलने दें।
परिवार और समाज
- यदि आप मन ही मन चिंतित होते हुए भी परिवार के सामने हिम्मत का चेहरा बनाए हुए हैं, तो अपने मन की असली बात कम से कम एक ऐसे व्यक्ति से खुलकर कहिए जिस पर आप भरोसा करते हैं, ताकि किसी को भी कभी केवल दिखावे वाली बात ही सुनने को न मिले।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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