संस्कृत
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन । नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम ॥
utsannakuladharmāṇāṃ manuṣyāṇāṃ janārdana narake niyataṃ vāso bhavatīty anuśuśruma
अनुवाद
हे जनार्दन, हमने ऐसा सुना है कि जिन मनुष्यों के कुल-धर्म नष्ट हो जाते हैं, उनका नरक में निश्चित रूप से वास होता है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
सामाजिक परिणामों वाला तर्क यहाँ अपने निष्कर्ष पर पहुँचता है, पर अर्जुन अपने स्रोत को सावधानी से चिह्नित करते हैं: “अनुशुश्रुम”, हमने सुना है — यह परम्परा से प्राप्त शिक्षा है जिसका वे हवाला दे रहे हैं, कोई ऐसा दावा नहीं जिसे वे अपनी निश्चितता से कह रहे हों। यह छोटी-सी शर्त महत्त्वपूर्ण है; अपनी सबसे ज़ोरदार बात कहते समय भी अर्जुन परम्परा के आधार पर तर्क कर रहे हैं, प्रत्यक्ष दृढ़ विश्वास के आधार पर नहीं।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- utsanna-kula-dharmāṇāṃउत्सन्न-कुल-धर्माणां
- जिनके कुलधर्म नष्ट हो गए हैं
- manuṣyāṇāṃमनुष्याणां
- उन मनुष्यों का
- janārdanaजनार्दन
- हे जनार्दन
- narakeनरके
- नरक में
- niyataṃ vāsoनियतं वासो
- निश्चित वास
- bhavatītyभवतीत्य्
- होता है
- anuśuśrumaअनुशुश्रुम
- ऐसा हमने सुना है
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
This is the loudest claim in Arjuna’s entire speech — eternal hell — and also the most carefully hedged: “anuśuśruma,” thus have we heard. He doesn’t claim this from his own direct certainty, only cites it as received teaching. Notice the inverse relationship: the bigger the claim, the more Arjuna leans on tradition rather than his own conviction to carry it.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप किसी बहस में — चाहे अपने आप से हो या किसी और से — अपना सबसे बड़ा और सबसे कठोर दावा कर रहे हों, तो ध्यान दें कि क्या आप उसे सचमुच अपने अनुभव से मानते हैं या किसी ऐसी बात का सहारा ले रहे हैं जो आपको सिखाई गई थी। स्रोत का हवाला देना ठीक है, पर यह जानें कि आप इन दोनों में से कौन-सा काम कर रहे हैं।
व्यावसायिक
- जब आप किसी निर्णय को उचित ठहराने के लिए किसी गंभीर परिणाम का हवाला दें, तो ईमानदारी से बताएँ कि यह आपका अपना प्रत्यक्ष आकलन है या कोई ऐसी बात जिसे आप परिपाटी या पूर्व उदाहरण से दोहरा रहे हैं — इस भेद से तय होता है कि उस दावे को कितना महत्त्व मिलना चाहिए।
परिवार और समाज
- जब आप परिवार के किसी मतभेद में अपनी बात रखने के लिए किसी गंभीर परिणाम का उल्लेख करें, तो स्पष्ट रहें कि यह आपका अपना दृढ़ विश्वास है या कोई ऐसी बात जिस पर विश्वास करना आपको सिखाया गया था — इस अंतर को स्पष्ट कह देने से बातचीत ईमानदार बनी रहती है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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