संस्कृत
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् । उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām uvāca pārtha paśyaitān samavetān kurūn iti
अनुवाद
भीष्म, द्रोण और पृथ्वी के सभी राजाओं के सामने उन्होंने कहा — "पार्थ, यहाँ इकट्ठे हुए इन कौरवों को देखो।"
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
कृष्ण रथ को ठीक भीष्म और द्रोण के सामने खड़ा करते हैं — वे दो वरिष्ठ व्यक्ति जिनकी शत्रु पक्ष में उपस्थिति अर्जुन के लिए सबसे अधिक मायने रखेगी — और केवल एक सीधा, लगभग तटस्थ वाक्य कहते हैं: “इन इकट्ठे हुए कुरुओं को देखो।” यह पंक्ति ठीक इसी कारण इतनी झकझोर देने वाली है कि यह अपनी ओर से कोई टिप्पणी नहीं करती; यह बस दृश्य को सामने ला देती है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- bhīṣma-droṇa-pramukhataḥभीष्म-द्रोण-प्रमुखतः
- भीष्म और द्रोण के सामने
- sarveṣāṃ ca mahī-kṣitāmसर्वेषां च मही-क्षितां
- और सभी राजाओं के (सामने)
- uvācaउवाच
- उन्होंने कहा
- pārthaपार्थ
- हे पार्थ
- paśyaitānपश्यैतान्
- इन्हें देखो
- samavetānसमवेतान्
- एकत्र हुए
- kurūnकुरून्
- कौरवों को
- itiइति
- इस प्रकार
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Krishna’s line here carries no argument and no warning — just an imperative to look and a plain noun, “Kurus,” naming everyone gathered without dividing them into sides. He doesn’t tell Arjuna what he’ll feel when he looks; he only arranges the look itself. Everything that follows in this chapter is what happens when a bare instruction to see meets a mind that can’t help but interpret what it sees.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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पाठ
व्यक्तिगत
- किसी कठिन स्थिति के बारे में राय बनाने से पहले, जो वास्तव में सामने है — लोग, तथ्य — उसे पहले अपनी टिप्पणी जोड़े बिना केवल वैसा ही बताने का प्रयास करें। जैसे कृष्ण यहाँ करते हैं, वैसे ही सीधे-सीधे नाम लेना अक्सर किसी बात का वास्तविक महत्त्व उसके बारे में किसी भी तर्क से कहीं जल्दी सामने ले आता है।
व्यावसायिक
- जब आपको अपनी टीम को किसी निर्णय से जुड़े दाँव समझाने हों, तो कभी-कभी सबसे कारगर कदम यही होता है कि आप अपने निष्कर्ष से शुरुआत करने के बजाय, बिना किसी तोड़-मरोड़ के बस यह सामने रख दें कि कौन और क्या इसमें शामिल है — और तथ्यों को अपने आप असर करने दें।
परिवार और समाज
- यदि आप चाहते हैं कि कोई परिवार की किसी स्थिति की गंभीरता को समझे, तो उस पर अपनी राय देने से पहले जो वास्तव में हो रहा है उसे सीधे-सादे ढंग से बताने का प्रयास करें — पहचान अक्सर तर्क से अधिक गहरा असर करती है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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