संस्कृत
भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः । अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च ॥
bhavān bhīṣmaś ca karṇaś ca kṛpaś ca samitiñjayaḥ aśvatthāmā vikarṇaś ca saumadattis tathaiva ca
अनुवाद
स्वयं आप हैं, भीष्म हैं, कर्ण हैं, और युद्ध में विजयी कृप हैं; अश्वत्थामा, विकर्ण तथा सोमदत्त के पुत्र भी हैं।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
कौरवों की सूची स्वयं द्रोण से शुरू होती है, फिर भीष्म आते हैं — ये दो वरिष्ठ व्यक्ति हैं, और मैदान के इस पक्ष में इनकी उपस्थिति ही वह बात है जो श्लोक 26 में सेनाओं के दिखाई देते ही अर्जुन को व्याकुल करेगी।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- bhavānभवान्
- आप स्वयं — द्रोण
- bhīṣmaś caभीष्मश् च
- और भीष्म
- karṇaś caकर्णश् च
- और कर्ण
- kṛpaś caकृपश् च
- और कृप
- samitiñjayaḥसमितिञ्जयः
- युद्ध में सदा विजयी
- aśvatthāmāअश्वत्थामा
- अश्वत्थामा — द्रोण का पुत्र
- vikarṇaś caविकर्णश् च
- और विकर्ण
- saumadattisसौमदत्तिस्
- सोमदत्त का पुत्र — भूरिश्रवा
- tathaiva caतथैव च
- और वैसे ही
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Of everyone in this roster, the very first name is “thou” — Duryodhana lists Drona, his actual listener, ahead of Bhîshma, the army’s real commander-in-chief. Whom a list names first is rarely neutral information; it’s often a signal of whose reassurance the speaker needs most, not necessarily who did the most.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप देखें कि धन्यवाद या श्रेय की सूची में आप किसी खास व्यक्ति का नाम सबसे पहले ले रहे हैं, तो जाँचिए कि यह उसकी योग्यता को दर्शाता है या असल में इस बात को कि आपको किसकी स्वीकृति चाहिए — दोनों में कोई बुराई नहीं, पर यह जानिए कि आप इनमें से कौन-सा कर रहे हैं।
व्यावसायिक
- जब आप यह देखें कि हितधारकों के उल्लेख या श्रेय-सूचियों में सबसे पहले किसका नाम आता है, तो ध्यान दें कि इससे अक्सर यह पता चलता है कि किसे साधा जा रहा है, न कि किसने सबसे अधिक योगदान दिया — यह केवल काम के बारे में नहीं, बल्कि वहाँ मौजूद लोगों के बारे में भी उपयोगी जानकारी है।
परिवार और समाज
- जब परिवार के साझा श्रेय या दोष में किसी भाई-बहन या रिश्तेदार का नाम सबसे पहले लिया जाए, तो ध्यान दें कि ऐसा सटीकता के कारण है या सामाजिक संबंध साधने के लिए — दोनों होते हैं, और यह जानना सार्थक है कि इनमें से कौन-सा हो रहा है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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