1.3

संस्कृत

पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् । व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ॥

paśyaitāṃ pāṇḍuputrāṇām ācārya mahatīṃ camūm vyūḍhāṃ drupadaputreṇa tava śiṣyeṇa dhīmatā

अनुवाद

हे आचार्य, पाण्डु के पुत्रों की इस विशाल सेना को देखिए, जिसे आपके बुद्धिमान शिष्य, द्रुपद के पुत्र ने व्यूह में सजाया है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

द्रोण से दुर्योधन की बात एक चुभते हुए ब्योरे से शुरू होती है: पाण्डव सेना की व्यूह-रचना द्रुपद के पुत्र धृष्टद्युम्न ने की है — जिसे स्वयं द्रोण ने ही शिक्षा दी थी, उन्हीं आचार्य ने जिनसे दुर्योधन इस समय बात कर रहा है। ऐसे युद्धक्षेत्र में, जहाँ गुरु अपने ही शिष्यों के सामने खड़े हैं, यह इस बात को लेकर एक शुरुआती, दबी हुई बेचैनी का संकेत है कि असल में किसकी निष्ठा किसके साथ है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

paśyaitāṃपश्यैतां
इसे देखिए
pāṇḍu-putrāṇāmपाण्डु-पुत्राणां
पाण्डु के पुत्रों की
ācāryaआचार्य
हे आचार्य
mahatīṃमहतीं
विशाल
camūmचमूं
सेना को
vyūḍhāṃव्यूढां
व्यूह में सजाई गई
drupada-putreṇaद्रुपद-पुत्रेण
द्रुपद के पुत्र द्वारा
tavaतव
आपके
śiṣyeṇaशिष्येण
शिष्य द्वारा
dhīmatāधीमता
बुद्धिमान

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

The detail is barely a sentence, but it’s doing real work: Duryodhana is unsettled enough by his own teacher’s former student commanding the opposing army that he mentions it before anything else. A loyalty formed in one context — teacher and student — doesn’t automatically transfer or dissolve just because the context has changed to battle lines, and naming that discomfort directly beats pretending it isn’t there.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब कोई पुरानी निष्ठा — कोई पूर्व मार्गदर्शक, कोई पुराना मित्र — किसी वर्तमान स्थिति में 'दूसरे पक्ष' में जा खड़ी हो, तो यह मान लेने के बजाय कि पुराना संबंध अपने-आप किसी एक ओर सुलझ गया है, उस असहजता को सीधे शब्दों में कहें।

व्यावसायिक

  • जब कोई पूर्व प्रबंधक या मार्गदर्शक अब किसी प्रतिद्वंद्वी टीम या कंपनी के लिए काम करता हो, तो यह न मान लें कि पुराने संबंध ने साफ़-साफ़ कोई पक्ष चुन लिया है — उनकी निष्ठा का अनुमान लगाने के बजाय इस अस्पष्टता को खुलकर स्वीकार करें।

परिवार और समाज

  • जब विस्तृत परिवार की निष्ठाएँ किसी वर्तमान मतभेद की रेखाओं को पार करती हों — जैसे कोई ससुराल-पक्ष का सदस्य दो पक्षों के बीच फँसा हो — तो यह मान लेने की अपेक्षा कि आप पहले से जानते हैं कि वे कहाँ खड़े हैं, इस विभाजन को स्पष्ट रूप से कह देना संबंध के लिए अधिक हितकर होता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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