संस्कृत
तमस्त्वज्ञानजं विद्धि मोहनं सर्वदेहिनाम् । प्रमादालस्यनिद्राभिस्तन्निबध्नाति भारत ॥
tamas tv ajñānajaṃ viddhi mohanaṃ sarvadehinām pramādālasyanidrābhis tan nibadhnāti bhārata
अनुवाद
हे भारत, तमस् को तुम अज्ञान से उत्पन्न और सभी देहधारियों को मोहित करने वाला जानो। वह प्रमाद, आलस्य और निद्रा के द्वारा बाँधता है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
तमस् की परिभाषा, जो श्लोक 6 से आरम्भ हुई त्रयी को पूरा करती है: यह स्वयं अज्ञान से उत्पन्न होता है, मोह में डालता है और प्रमाद, आलस्य तथा निद्रा के द्वारा बाँधता है। तीनों की परिभाषा हो जाने पर अब तर्क का स्वरूप स्पष्ट दिखता है — सत्त्व परिष्कृत आसक्ति के द्वारा बाँधता है, रजस् तृष्णा से प्रेरित कर्म के द्वारा, और तमस् निपट जड़ता के द्वारा — ये गुण की दृष्टि से तीन भिन्न प्रकार की बेड़ियाँ हैं, कोई सीधी-सादी अच्छी-बुरी-सबसे बुरी वाली श्रेणी नहीं, भले ही श्लोक 18 आगे चलकर इन्हें ऊर्ध्व, मध्य और अधो गतियों से जोड़ेगा। तमस् अज्ञानज है, न-जानने से उत्पन्न, और यह प्रमाद (असावधानी), आलस्य (अकर्मण्यता) और निद्रा (नींद) के द्वारा बाँधता है — यह सत्त्व की स्पष्टता और रजस् के वेग, दोनों का ढह जाना है। यह अधूरे छोड़े गए कामों का गुण है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- tamas tv ajñānajaṃ viddhiतमस् त्व् अज्ञानजं विद्धि
- किंतु तमस् को अज्ञान से उत्पन्न जानो (tamaḥ + tu + ajñāna-jam + viddhi)
- mohanaṃ sarvadehināmमोहनं सर्वदेहिनां
- सभी देहधारियों को मोहित करने वाला (mohanam + sarva-dehinām)
- pramādālasyanidrābhisप्रमादालस्यनिद्राभिस्
- प्रमाद, आलस्य और निद्रा से (pramāda-ālasya-nidrābhiḥ)
- tan nibadhnāti bhārataतन् निबध्नाति भारत
- वह बाँधता है, हे भारत (tat + nibadhnāti + bhārata)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Tamas is the only one of the three gunas defined first by a negation — born of unwisdom, an absence rather than a substance — and its behavioral symptoms, heedlessness, indolence, sleep, only follow from that prior absence of light. Sattva and rajas are both something happening; tamas, by contrast, is what happens by default when nothing else is actively pushing back against it.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
इस श्लोक को अपनाएँ
पाठ
व्यक्तिगत
- जब आप देखें कि आप जड़ता में फिसलते जा रहे हैं, तो उसे कोई रहस्यमय शक्ति मानकर सीधे उससे लड़ने न बैठें — उसे वह चीज़ समझें जो उस खाली जगह को भर देती है जहाँ कुछ भी सक्रिय रूप से उसका प्रतिरोध नहीं कर रहा होता, और उस जगह में इसके बजाय कोई छोटा और सोचा-समझा काम रख दें।
व्यावसायिक
- जब किसी टीम का काम बिना किसी एक बड़े, नाटकीय कारण के चुपचाप गिरता जाए, तो पहचानिए कि यही तमस की कार्यप्रणाली है: यह सक्रिय दिशा का अभाव है, कोई सकारात्मक शक्ति नहीं, इसलिए उपाय किसी एक दोषी को खोजकर उस पर दोष डालना नहीं, बल्कि सोची-समझी दिशा को फिर से लाना है।
परिवार और समाज
- जब कोई रिश्ता बिना किसी एक झगड़े के, जिसे दोष दिया जा सके, चुप और उपेक्षित हो जाए, तो ध्यान देने के लिए किसी संकट की प्रतीक्षा न करें — अनदेखी छोड़ी गई उपेक्षा ही वह चीज़ है जो नुकसान करती है, अपने-आप, उसी क्षण से जब कोई सक्रिय रूप से उसका प्रतिरोध नहीं करता।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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