14.17

संस्कृत

सत्त्वात्सञ्जायते ज्ञानं रजसो लोभ एव च । प्रमादमोहौ तमसो भवतोऽज्ञानमेव च ॥

sattvāt sañjāyate jñānaṃ rajaso lobha eva ca pramādamohau tamaso bhavato'jñānam eva ca

अनुवाद

सत्त्व से ज्ञान उत्पन्न होता है और रजस् से लोभ; तमस् से प्रमाद और मोह उत्पन्न होते हैं, और अज्ञान भी।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

यह श्लोक 16 का सहचर सूत्र है, जो ध्यान को कर्म के फल से हटाकर उस ओर ले जाता है जो प्रत्येक गुण के प्रभाव में रहने वाले व्यक्ति के भीतर उत्पन्न होता है: सत्त्व ज्ञान उत्पन्न करता है, रजस् लोभ उत्पन्न करता है, तमस् प्रमाद, मोह और अज्ञान उत्पन्न करता है। श्लोक 16 और 17 मिलकर इस वर्णन को पूरा करते हैं कि प्रत्येक गुण क्या करता है — कर्म के परिणाम पर और स्वयं मन पर — और इस प्रकार श्लोक 18 के लिए भूमिका बनाते हैं, जो अध्याय के वर्णनात्मक भाग का अंतिम अंश है: अंत में प्रत्येक गुण व्यक्ति को स्थान की दृष्टि से कहाँ ले जाता है। गीता 14.16 को उत्पादक पक्ष से फिर से कहा गया है: सत्त्व ज्ञान को उत्पन्न करता है, रजस् लोभ को उत्पन्न करता है, तमस् प्रमाद, मोह और अज्ञान को उत्पन्न करता है। गुण निष्क्रिय नाम-पट्टियाँ नहीं हैं, बल्कि वे उस सबके सक्रिय कारण हैं जो मन उत्पन्न करता है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

sattvāt sañjāyate jñānaṃसत्त्वात् सञ्जायते ज्ञानं
सत्त्व से ज्ञान उत्पन्न होता है (sattvāt + sañjāyate + jñānam)
rajaso lobha eva caरजसो लोभ एव च
और रजस् से लोभ ही (rajasaḥ + lobhaḥ + eva + ca)
pramādamohau tamasoप्रमादमोहौ तमसो
प्रमाद और मोह, तमस् से (pramāda-mohau + tamasaḥ)
bhavato'jñānam eva caभवतोऽज्ञानं एव च
होते हैं, और अज्ञान भी (bhavataḥ + ajñānam + eva + ca)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

Verse 16 tracked what an action returns to the world; this verse tracks what the same guna leaves behind in the mind that acted. Sattva, rajas, and tamas are each running two ledgers at once, an external one and an internal one, and a person could conceivably get a decent external result while still accumulating the internal residue — greed, delusion — that the guna behind the act deposits regardless of outcome.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप यह आँकते हैं कि कोई तरीका काम कर रहा है या नहीं, तो केवल बाहरी परिणाम ही नहीं, बल्कि वह आंतरिक अवशेष भी जाँचिए जो वह आपके भीतर छोड़ रहा है — शांति और स्पष्टता, या लोभ और बेचैनी — क्योंकि कोई गुण एक स्वीकार्य परिणाम देते हुए भी आपके भीतर गलत अवशेष जमा कर सकता है।

व्यावसायिक

  • जब कोई रणनीति परिणाम दे रही हो, तब भी जाँचिए कि वह टीम के भीतर क्या कर रही है — क्या वह स्पष्टता और योग्यता बढ़ा रही है, या लोभ और थकान — क्योंकि एक अच्छा बाहरी आँकड़ा अपने नीचे जमा हो रहे बुरे आंतरिक अवशेष को ढक सकता है।

परिवार और समाज

  • जब पारिवारिक दायित्वों को निभाने का कोई तरीका तकनीकी रूप से काम पूरे करवा रहा हो, तो जाँचिए कि वह आपके और उनके भीतर क्या छोड़ रहा है — नाराज़गी और थकावट, या सच्ची सद्भावना — बाहरी परिणाम और आंतरिक अवशेष एक ही बही-खाते में दर्ज नहीं होते।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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