8.2

संस्कृत

अधियज्ञः कथं कोऽत्र देहेऽस्मिन्मधुसूदन । प्रयाणकाले च कथं ज्ञेयोऽसि नियतात्मभिः ॥

adhiyajñaḥ kathaṃ ko'tra dehe'smin madhusūdana prayāṇakāle ca kathaṃ jñeyo'si niyatātmabhiḥ

अनुवाद

हे मधुसूदन, इस देह में अधियज्ञ कौन है, और वह यहाँ किस प्रकार है? और प्रयाणकाल में संयमी पुरुष आपको किस प्रकार जान सकते हैं?

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

व्याख्या

छठा परिभाषात्मक पद, अधियज्ञ, और मृत्यु के क्षण का प्रश्न एक ही श्लोक में साथ-साथ आते हैं। यह संकेत है कि कृष्ण इन दोनों को एक ही उत्तर में समेटने वाले हैं। श्लोक 4 अधियज्ञ को कृष्ण की अपनी देहधारी उपस्थिति के रूप में पहचानेगा, और श्लोक 5 सीधे इस बात की ओर मुड़ जाता है कि मनुष्य मृत्यु के क्षण में किसका चिंतन करता है। यही विषय अध्याय के शेष भाग में छाया रहता है, परिभाषाओं की सूची से कहीं अधिक देर तक। अधियज्ञ को प्रयाणकाले — “प्रयाणकाल में” — के साथ एक ही साँस में जोड़ देना ही असली संकेत है: भीतर का यज्ञ और अच्छी तरह मरने का अभ्यास एक ही विषय हैं, और गीता 8.5 से आगे का भाग ही वह है जहाँ अध्याय का वास्तविक केंद्र है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

adhiyajñaḥ kathaṃ ko'traअधियज्ञः कथं कोऽत्र
यहाँ अधियज्ञ कौन है और कैसे है? (adhiyajñaḥ + katham + kaḥ + atra)
dehe'smin madhusūdanaदेहेऽस्मिन् मधुसूदन
इस देह में, हे मधुसूदन (dehe + asmin)
prayāṇakāle ca kathaṃप्रयाणकाले च कथं
और प्रयाणकाल में कैसे (prayāṇa-kāle + ca + katham)
jñeyo'si niyatātmabhiḥज्ञेयोऽसि नियतात्मभिः
संयमी जनों द्वारा आप जाने जाते हैं? (jñeyaḥ + asi + niyata-ātmabhiḥ)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

टीका

Site Commentary

Arjuna bundles adhiyajna, easily the most abstract term on his list, with the single most personal and urgent thing anyone can ask — what happens to me when I die. Krishna’s answer, arriving two verses later, treats them as one topic, not two: some abstract-sounding questions turn out to be the concrete, personal question in disguise, and answering them well means noticing which concrete fear they’re actually standing in for.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

इस श्लोक को अपनाएँ

पाठ

व्यक्तिगत

  • जब कोई अमूर्त प्रश्न आपको बार-बार परेशान करता रहे, तो पूछिए कि क्या वह वास्तव में किसी अधिक ठोस, निजी डर की जगह खड़ा है — उसके अमूर्त रूप पर उलझे रहना अक्सर उस विशेष चिंता से ध्यान हटा देता है जो वास्तव में उसके पीछे काम कर रही होती है।

व्यावसायिक

  • जब कोई सहकर्मी किसी बैठक में आर्किटेक्चर से जुड़ा कोई अमूर्त प्रश्न उठाए, तो जाँचें कि क्या वह वास्तव में किसी ठोस परिचालन संबंधी चिंता की जगह खड़ा है — केवल अमूर्त रूप का उत्तर देने से असली चिंता अनसुलझी रह सकती है।

परिवार और समाज

  • यदि कोई आपके सामने कोई व्यापक, दार्शनिक-सी लगने वाली चिंता रखे, तो उस विशेष, निजी डर को सुनने का प्रयास करें जिसकी आड़ में वह खड़ी हो सकती है — केवल अमूर्त प्रश्न का उत्तर देने से वह बात छूट सकती है जो उन्हें वास्तव में पूछनी थी।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

अनुवाद की समस्या बताएँ

स्वयं से पूछें

इस श्लोक को पढ़ने से आगे ले जाने के कुछ तरीके। टिक और नोट इसी ब्राउज़र में रहते हैं।

इस श्लोक पर चिंतन करें

    ← 8.1अध्याय 8 · 28 में से 28.3 →
    श्लोक पर जाएँ