17.26

संस्कृत

सद्भावे साधुभावे च सदित्येतत्प्रयुज्यते । प्रशस्ते कर्मणि तथा सच्छब्दः पार्थ युज्यते ॥

sadbhāve sādhubhāve ca sad ity etat prayujyate praśaste karmaṇi tathā sacchabdaḥ pārtha yujyate

अनुवाद

हे पार्थ, 'सत्' शब्द का प्रयोग सद्भाव अर्थात् अस्तित्व के अर्थ में और साधुभाव अर्थात् श्रेष्ठता के अर्थ में किया जाता है। इसी प्रकार प्रशंसनीय कर्म के लिए भी 'सत्' शब्द का प्रयोग होता है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

सत् एक शब्द के रूप में दोहरा काम कर रहा है — यह उसका भी नाम है जो तत्त्वमीमांसा की दृष्टि से वास्तविक है (सद्भाव, स्वयं अस्तित्व) और उसका भी जो नैतिक रूप से अच्छा है (साधुभाव, सद्गुणपूर्ण कर्म), और यह श्लोक कहता है कि ये दो अर्थ अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही अविच्छिन्न विचार हैं: सच्चा अस्तित्व और सच्ची अच्छाई एक ही प्रकार का “वास्तविक” हैं। सत्ता-मीमांसा और नीतिशास्त्र को एक ही शब्द में समेट देना एक विशिष्ट वैदिक कदम है, जिसका अंग्रेज़ी में कोई साफ़ समकक्ष नहीं है, और यही एक कारण है कि अनुवादक इस शब्द को बिना अनुवाद किए छोड़ देते हैं। सत् — “वास्तविक, शुभ” — जहाँ कहीं भी अस्तित्व, सद्गुण या कोई प्रशंसनीय कर्म हो, वहाँ प्रयुक्त होता है। जो शब्दांश ब्रह्म को नाम देता है, वही सच्चे के लिए साधारण संस्कृत शब्द भी है: वास्तविकता और अच्छाई का एक ही नाम है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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शब्द-दर-शब्द

sadbhāve sādhubhāve caसद्भावे साधुभावे च
सत्ता और साधुता के अर्थ में (sat-bhāve + sādhu-bhāve + ca)
sad ity etat prayujyateसद् इत्य् एतत् प्रयुज्यते
'सत्' यह शब्द प्रयुक्त होता है (sat + iti + etat + prayujyate)
praśaste karmaṇi tathāप्रशस्ते कर्मणि तथा
उसी प्रकार प्रशंसनीय कर्म के लिए (praśaste + karmaṇi + tathā)
sacchabdaḥ pārtha yujyateसच्छब्दः पार्थ युज्यते
हे पार्थ, 'सत्' शब्द प्रयुक्त होता है (sat-śabdaḥ + pārtha + yujyate)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

By the end of this three-verse sequence, “Sat” will have named an aspect of Brahman (v23), a state of being and a moral quality (this verse), steadfastness in practice (v27), and finally, negated, the total absence of value (v28). The word never settles into one part of speech or one fixed sense — and that refusal to specialize is exactly the point being made here: reality and goodness were never two separate categories requiring two separate words in the first place.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप देखें कि जो सत्य है और जो शुभ है, उनके लिए आपको अलग-अलग शब्दावली की ज़रूरत पड़ रही है, तो सोचिए कि यह विभाजन वास्तविक है या केवल भाषा की एक आदत — आपके परिचितों में जो लोग सबसे अधिक एकीकृत हैं, उन्हें अपने मूल्य और अपना यथार्थ-बोध शायद ही कभी दो अलग-अलग धरातलों पर अनुभव होते हैं।

व्यावसायिक

  • जब किसी निर्णय में तकनीकी शुद्धता और नैतिक औचित्य के लिए आपकी टीम में बिल्कुल अलग-अलग चर्चाएँ ज़रूरी लगें, तो जाँचिए कि क्या वह अलगाव सचमुच आवश्यक है — सशक्त इंजीनियरिंग संस्कृतियाँ 'क्या यह सत्य और मज़बूत है' और 'क्या यह सही है' को दो नहीं, बल्कि एक ही निरंतर मूल्यांकन मानती हैं।

परिवार और समाज

  • यदि आप परिवार के किसी सदस्य से यह कहते हुए पाएँ कि कोई बात तकनीकी रूप से तो सच है पर वास्तव में ठीक नहीं है, तो उस अंतर पर ध्यान दें जिसका आप वर्णन कर रहे हैं — सबसे स्वस्थ रिश्ते उस अंतर के भीतर जीना सीखने के बजाय उसे पाटने की ओर झुकते हैं।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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