17.13

संस्कृत

विधिहीनमसृष्टान्नं मन्त्रहीनमदक्षिणम् । श्रद्धाविरहितं यज्ञं तामसं परिचक्षते ॥

vidhihīnam asṛṣṭānnaṃ mantrahīnam adakṣiṇam śraddhāvirahitaṃ yajñaṃ tāmasaṃ paricakṣate

अनुवाद

जो यज्ञ शास्त्र-विधि के बिना किया जाए, जिसमें अन्न का दान न हो, जो मन्त्रों के बिना और दक्षिणा के बिना हो तथा जो श्रद्धा से रहित हो, उस यज्ञ को तामस कहते हैं।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

तामसिक यज्ञ की पहचान हर पहलू पर अभाव से होती है — न सही विधि, न बाँटा गया अन्न, न मंत्र, न ऋत्विजों को दान, और अंत में श्रद्धाविरहित, यानी श्रद्धा से खाली। असली काम यही अंतिम पद करता है: यह श्लोक 28 में अध्याय की समापन घोषणा का पूर्वाभास देता है कि श्रद्धा के बिना किया गया कोई भी कर्म, उसकी बाकी विशेषताएँ चाहे जो हों, शून्य है; इस तरह इस श्लोक का तामसिक यज्ञ मूलतः उसी की पूर्व-झलक है जिसे आगे चलकर “असत्” स्पष्ट रूप से नाम देगा। तामसिक यज्ञ हर पहलू पर विफल होता है — न विधि, न अन्न, न मंत्र, न दक्षिणा (ऋत्विजों का शुल्क) — पर जो पद उसका नाम बताता है, वह है श्रद्धाविरहित, “श्रद्धा से रहित”। श्रद्धा के बिना पूरा तंत्र निष्प्राण है, गीता 17.28 का असत्।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

vidhihīnam asṛṣṭānnaṃविधिहीनं असृष्टान्नं
विधि से रहित, जिसमें अन्न का दान न हो (vidhi-hīnam + asṛṣṭa-annam)
mantrahīnam adakṣiṇamमन्त्रहीनं अदक्षिणं
मन्त्रों से रहित, बिना दक्षिणा का (mantra-hīnam + adakṣiṇam)
śraddhāvirahitaṃ yajñaṃश्रद्धाविरहितं यज्ञं
श्रद्धा से रहित यज्ञ को (śraddhā-virahitam + yajñam)
tāmasaṃ paricakṣateतामसं परिचक्षते
तामस कहते हैं (tāmasam + paricakṣate)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

The list is ordered, not random: incorrect form, no food shared, no mantras, no gifts — each a technical or social lapse — and only then, last, śraddhā-virahita, empty of faith. Saving the most fundamental failure for the final position is a climactic structure, and it signals which of the four failures actually matters most: you could imagine fixing the first three and still having a void ritual, but not the reverse.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • जब आप अपने किसी प्रयास में क्या ग़लत है, इसकी सूची बना रहे हों, तो जाँच लें कि कहीं आपने सबसे बुनियादी समस्या को छोटी-छोटी तकनीकी शिकायतों के बीच दबा तो नहीं दिया है — पहले छोटी चीज़ें ठीक करना प्रगति जैसा लग सकता है, जबकि वह एक चीज़, जो वास्तव में पूरे प्रयास को निष्फल कर देती है, अछूती रह जाती है।

व्यावसायिक

  • किसी विफल परियोजना में क्या ग़लत हुआ, इसका ब्यौरा तैयार करते समय उसे घटनाओं के क्रम से नहीं, बल्कि इस आधार पर क्रमबद्ध करें कि अकेले किस बात को ठीक कर देने से परियोजना बच जाती — मूल कारण को प्रक्रिया से जुड़ी छोटी शिकायतों के बीच दबा देने से टीमें स्वयं को उत्पादक महसूस करती हैं, जबकि विफलता का वास्तविक बिंदु अनसुलझा रह जाता है।

परिवार और समाज

  • जब आप किसी रिश्ते में कई बातों से परेशान हों, तो ध्यान दें कि कहीं आप ऊपरी शिकायतें गिनाते हुए उस एक बात को दबा तो नहीं रहे जो वास्तव में सबसे अधिक मायने रखती है — बुनियादी समस्या को साफ़-साफ़ कह देना, भले ही वह कहना अधिक कठिन लगे, उसके आसपास जमा की गई कई छोटी शिकायतों से अधिक उपयोगी है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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