17.19

संस्कृत

मूढग्राहेणात्मनो यत्पीडया क्रियते तपः । परस्योत्सादनार्थं वा तत्तामसमुदाहृतम् ॥

mūḍhagrāheṇātmano yat pīḍayā kriyate tapaḥ parasyotsādanārthaṃ vā tat tāmasam udāhṛtam

अनुवाद

जो तप मूढ़ हठ के साथ, स्वयं को पीड़ा देकर, या दूसरे का विनाश करने के लिए किया जाता है, वह तामस कहा गया है।

संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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व्याख्या

तामसिक निर्णय बात को घुमाकर श्लोक 5-6 तक वापस ले आता है: मोह से, स्वयं को पीड़ा देकर, या किसी दूसरे को हानि पहुँचाने के खुले इरादे से किया गया तप वही चूक है जिसका नाम अध्याय के आरम्भ में लिया गया था। अब उसे औपचारिक रूप से तीन श्रेणियों वाले क्रम में स्थान दे दिया गया है। यह ग्रन्थ हर त्याग को अपने-आप पुण्यमय नहीं मान लेता, बल्कि एक वास्तविक और आज भी मौजूद समस्या को गंभीरता से लेता है: तपस्या या आध्यात्मिक अनुशासन की आड़ में स्वयं को हानि पहुँचाना या द्वेष निकालना। तामसिक तप पीडया, यानी स्वयं को कष्ट देकर, और मूढग्राह से, अर्थात् मोहग्रस्त हठ से किया जाता है। इससे भी बुरा, वह परस्य उत्सादनार्थम्, “दूसरे का विनाश करने के लिए” किया जाता है। यह गीता 17.5–गीता 17.6 में बताया गया आसुर तप ही है, जिसे अब उसके गुण के अनुसार नाम दे दिया गया है।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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गहराई से अध्ययन करें

शब्द-दर-शब्द

mūḍhagrāheṇātmano yatमूढग्राहेणात्मनो यत्
जो मूढ़ हठ से, अपने को (mūḍha-grāheṇa + ātmanaḥ + yat)
pīḍayā kriyate tapaḥपीडया क्रियते तपः
पीड़ा देकर किया जाने वाला तप (pīḍayā + kriyate + tapaḥ)
parasyotsādanārthaṃ vāपरस्योत्सादनार्थं वा
या दूसरे के विनाश के लिए (parasya + utsādana-artham + vā)
tat tāmasam udāhṛtamतत् तामसं उदाहृतं
वह तामस कहा गया है (tat + tāmasam + udāhṛtam)

संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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टीका

Site Commentary

The verse doesn’t treat self-torture and harming someone else as two separate failures worth two separate verdicts — it names them in the same clause with the same guna. That’s a stronger claim than it first looks: turning cruelty inward isn’t a milder, private version of turning it outward, it’s the identical failure mode, just aimed at a different target. The chapter refuses to grant self-harm any special exemption for being self-directed.

Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary

अवधारणाएँ

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पाठ

व्यक्तिगत

  • खुद को सज़ा देने वाले व्यवहार को सिर्फ़ इसलिए छूट न दें कि उसका निशाना केवल आप ही हैं — यह श्लोक अपने प्रति क्रूरता और दूसरों के प्रति क्रूरता को एक ही श्रेणी की विफलता मानता है, उसका कोई छोटा, निजी रूप नहीं।

व्यावसायिक

  • जो प्रबंधक खुद को पूरी तरह थका डालता है क्योंकि यह उसका अपना चुनाव है, वह अक्सर उसी मूल विफलता का उदाहरण पेश कर रहा होता है जो अपनी टीम को थका डालने वाला प्रबंधक करता है — निशाना अलग है, ढाँचा वही है। खुद पर थोपे गए अत्यधिक काम को उतनी ही गंभीरता से लें जितनी गंभीरता से दूसरों के साथ दुर्व्यवहार को लेते हैं।

परिवार और समाज

  • यदि आप परिवार के किसी सदस्य को जान-बूझकर नुकसान पहुँचाया जाना कभी स्वीकार नहीं करेंगे, तो उस सदस्य का स्वयं अपने साथ वही करना भी चुपचाप स्वीकार न करें — यह श्लोक बताता है कि नुकसान सिर्फ़ अपने ऊपर होने से वह गलती छोटी नहीं हो जाती।

AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।

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