संस्कृत
दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे । देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम् ॥
dātavyam iti yad dānaṃ dīyate'nupakāriṇe deśe kāle ca pātre ca tad dānaṃ sāttvikaṃ smṛtam
अनुवाद
'दान देना कर्तव्य है' — इस भाव से जो दान उचित स्थान और समय में, योग्य पात्र को, ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो बदले में कोई उपकार नहीं करता, वह दान सात्त्विक माना गया है।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
दान चौथा और अंतिम क्षेत्र है जिसे त्रिविध विवेचन मिलता है, और इसका सात्त्विक रूप वही तर्क विशेष रूप से उदारता पर लागू करता है, जो सात्त्विक यज्ञ और तप पर लागू होता है: कर्तव्य मानकर दिया गया (दातव्यम् इति), ऐसे व्यक्ति को जो उसका बदला नहीं चुका सकता (अनुपकारिणे), उचित स्थान और समय पर, और योग्य पात्र को। “शुद्ध” दान की परिभाषा से प्रत्युपकार को पूरी तरह हटा देना इस अध्याय का अब तक का सबसे स्पष्ट कथन है कि किसी कर्म को सात्त्विक बनाने वाली चीज़ परिणाम के प्रति अनासक्ति है, दान का आकार नहीं। सात्त्विक दान के चार लक्षण हैं: दातव्यम् इति (इसलिए दिया गया क्योंकि देना चाहिए), अनुपकारिणे (ऐसे व्यक्ति को जो उपकार लौटा नहीं सकता), और उचित देश, काल, पात्र (स्थान, समय, प्राप्तकर्ता)। इनमें मुख्य है अनुपकारिणे — ऐसा दान जिसमें प्रत्युपकार की कोई संभावना न हो।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- dātavyam iti yad dānaṃदातव्यं इति यद् दानं
- 'देना कर्तव्य है' इस भाव से जो दान (dātavyam + iti + yat + dānam)
- dīyate'nupakāriṇeदीयतेऽनुपकारिणे
- बदले में उपकार न करने वाले को दिया जाता है (dīyate + anupakāriṇe)
- deśe kāle ca pātre caदेशे काले च पात्रे च
- देश और काल में तथा पात्र को (deśe + kāle + ca + pātre + ca)
- tad dānaṃ sāttvikaṃ smṛtamतद् दानं सात्त्विकं स्मृतं
- वह दान सात्त्विक माना गया है (tat + dānam + sāttvikam + smṛtam)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Notice the specific criterion for the recipient: not that they’re poor, or virtuous, or needy — anupakāriṇe, someone who cannot do anything in return. Sattvic giving is defined by breaking a potential transaction loop before it can even start, which is a more precise and more demanding test than generosity as usually practiced: most giving, even well-intentioned giving, still carries some faint expectation of goodwill returned, and this verse rules that out by definition.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
अवधारणाएँ
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पाठ
व्यक्तिगत
- आप सचमुच दे रहे हैं या चुपचाप कोई सौदा कर रहे हैं, इसकी सबसे स्पष्ट कसौटी यह है कि क्या आप वही चीज़ ऐसे व्यक्ति को भी देंगे जिसके पास आपको कभी भी लौटाने का कोई तरीका नहीं है, न सामाजिक रूप से और न किसी और तरह से। यदि आपकी उदारता इस बात पर बदलती है कि कौन बदले में कुछ दे सकता है, तो वह दान से अधिक सौदे के निकट थी।
व्यावसायिक
- किसी सहकर्मी का मार्गदर्शन करते समय ध्यान दें कि क्या आपका प्रयास इस बात पर बदलता है कि वह आगे चलकर आपका उपकार लौटाने की स्थिति में है या नहीं। सच्चा मार्गदर्शन, इस श्लोक में दी गई सात्त्विक दान की परिभाषा की तरह, उस व्यक्ति के प्रति भी स्थिर रहता है जो उसे कभी लौटा नहीं सकता।
परिवार और समाज
- परिवार के प्रति सबसे सच्ची उदारता उन संबंधियों या मित्रों के साथ दिखाई देती है जो आपको कभी कुछ लौटा नहीं सकते। यदि आपकी आत्मीयता चुपचाप इस बात के अनुसार घटती-बढ़ती है कि कोई उपकार लौटाने में कितना सक्षम है, तो यह संकेत है कि उस देने में कुछ सौदा छिपा हुआ है।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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