संस्कृत
यदादित्यगतं तेजो जगद्भासयतेऽखिलम् । यच्चन्द्रमसि यच्चाग्नौ तत्तेजो विद्धि मामकम् ॥
yad ādityagataṃ tejo jagad bhāsayate 'khilam yac candramasi yac cāgnau tat tejo viddhi māmakam
अनुवाद
जो तेज सूर्य में स्थित होकर सारे जगत को प्रकाशित करता है, और जो तेज चन्द्रमा में है तथा जो अग्नि में है, उस तेज को तुम मेरा ही जानो।
संस्कृत से AI अनुवाद, ए. बेसेंट (सार्वजनिक डोमेन) की सहायता से। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
व्याख्या
यहाँ अध्याय मनोविज्ञान और तत्त्वमीमांसा से मुड़कर कृष्ण के उस वर्णन पर आता है जिसमें वे प्राकृतिक घटनाओं में अपनी उपस्थिति बताते हैं। यह उस विभूति (अभिव्यक्ति) की शिक्षा की संक्षिप्त पुनरावृत्ति है, जो पूरे अध्याय 10 का विषय थी। श्लोक 6 में सूर्य, चंद्रमा और अग्नि को ऐसी चीज़ों के रूप में गिनाया गया था जिनकी परम धाम को आवश्यकता नहीं है; यहाँ उन्हीं तीनों को फिर से उन स्थानों के रूप में अपनाया गया है जहाँ साधारण संसार में कृष्ण का अपना प्रकाश प्रकट होता है। यह एक सोची-समझी संरचनात्मक जोड़ी है: लगातार श्लोकों में वे प्रकाश से परे पारलौकिक भी हैं और प्रकाश के रूप में अंतर्निहित भी। यहाँ विभूति की शैली में एक संक्षिप्त वापसी है: सूर्य, चंद्रमा और अग्नि—तीनों में जो प्रकाशित करने वाली शक्ति है, वह एक ही है, और वह कृष्ण की है। गीता 15.6 से इसका अंतर देखें: वे प्रकाश परम धाम तक नहीं पहुँच सकते, फिर भी वे उन्हीं का प्रकाश हैं।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
गहराई से अध्ययन करें
शब्द-दर-शब्द
- yad ādityagataṃ tejoयद् आदित्यगतं तेजो
- सूर्य में स्थित जो तेज (yat + āditya-gatam + tejaḥ)
- jagad bhāsayate 'khilamजगद् भासयते ऽखिलं
- सम्पूर्ण जगत को प्रकाशित करता है (jagat + bhāsayate + akhilam)
- yac candramasi yac cāgnauयच् चन्द्रमसि यच् चाग्नौ
- जो चन्द्रमा में है और जो अग्नि में (yat + candramasi + yat + ca + agnau)
- tat tejo viddhi māmakamतत् तेजो विद्धि मामकं
- उस तेज को मेरा ही जानो (tat + tejaḥ + viddhi + māmakam)
संस्कृत और अंग्रेज़ी शब्द-दर-शब्द अर्थों से AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
टीका
Site Commentary
Six verses earlier, sun, moon, and fire were named as things the supreme abode specifically does not need; here the same three return, reclaimed as places where that same light actually shows up in the visible world. The pairing isn’t a contradiction to smooth over — it’s a deliberate structural move, transcendent beyond light in one verse and immanent as light a few verses later, and both claims are meant to stand at once.
Original commentary written for this site · © Amit Singh — original commentary
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पाठ
व्यक्तिगत
- कोई व्यक्ति या मूल्य अपने द्वारा धारण किए गए किसी भी एक रूप पर सचमुच निर्भर न होते हुए भी उन्हीं सभी रूपों में से हर एक के माध्यम से पूरी तरह अभिव्यक्त हो सकता है। जो आपके लिए महत्त्वपूर्ण है, उसके बारे में इन दोनों सत्यों को साथ रखें, बजाय यह मान लेने के कि किसी चीज़ से स्वतंत्र होने का अर्थ उसका विरोध करना है।
व्यावसायिक
- किसी प्लेटफ़ॉर्म की संरचना ऐसी बनाई जा सकती है कि वह किसी एक वेंडर या टूल पर निर्भर न हो, और फिर भी वह प्लेटफ़ॉर्म आप जिन-जिन का अभी उपयोग कर रहे हैं, उनमें से हर एक के माध्यम से सार्थक रूप से अभिव्यक्त हो। वेंडर से स्वतंत्रता को वेंडर के प्रति शत्रुता न समझें — ये दोनों बातें, जब साथ रखी जाएँ, तो वास्तव में डिज़ाइन का अधिक परिपक्व दृष्टिकोण होती हैं।
परिवार और समाज
- माता-पिता का प्रेम ऐसा हो सकता है जो किसी एक भाव-संकेत — किसी उपहार, किसी विशेष रीति — पर निर्भर न हो, और फिर भी उन सभी भाव-संकेतों में से हर एक के माध्यम से सचमुच अभिव्यक्त हो। एक ही रिश्ते के बारे में दोनों बातें एक साथ सच हो सकती हैं।
AI अनुवाद। मातृभाषी पाठक द्वारा समीक्षित।
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